चेस ओलंपियाड में भारतीयों की सफलता के पीछे ऑनलाइन शतरंज का बड़ा हाथ रहा। भारतीय शतरंज महासंघ भी ऑनलाइन शतरंज की ताकत पहचान गया है। महासंघ के अध्यक्ष डॉ. संजय कपूर देश में पहली बार करोड़ों रुपये की लागत से आईपीएल की तर्ज पर ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन शतरंज लीग लेकर आ रहे हैं।
कोरोना से मची चौतरफा तबाही में खेल भी अछूते नहीं रहे, लेकिन एक खेल ऐसा रहा जिस पर बंदी के दौरान कोरोना असर नहीं डाल पाया। इस दौर में शतरंज के अंतरराष्ट्रीय मुकाबले चलते रहे। ऑनलाइन शतरंज को पूरे विश्व में हाथों-हाथ लिया गया।
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चेस ओलंपियाड में भारतीय टीम की सफलता ने दिखाई राह
चेस ओलंपियाड में भारतीयों की सफलता के पीछे ऑनलाइन शतरंज का बड़ा हाथ रहा। भारतीय शतरंज महासंघ भी ऑनलाइन शतरंज की ताकत पहचान गया है। महासंघ के अध्यक्ष डॉ. संजय कपूर देश में पहली बार करोड़ों रुपये की लागत से आईपीएल की तर्ज पर ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन शतरंज लीग लेकर आ रहे हैं।
नामी खिलाड़ियों से सजी पहली ऑफलाइन व ऑनलाइन चेस प्रीमियर लीग जल्द
दुनिया के नामी-गिरामी शतरंज खिलाड़ियों से सजी ये दोनों चेस प्रीमियर लीग जल्द शुरू होंगी। संजय ने कहा कि ऑफलाइन लीग की तैयारी महासंघ पहले ही कर चुका था। चेस ओलंपियाड में टीम की सफलता के दौरान उन्हें अहसास हुआ कि ऑनलाइन चेस लीग भी कराई जानी चाहिए।
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ओलंपियाड के दौरान विश्वनाथन आनंद की अगुवाई में भारतीय टीम को चेन्नई के एक होटल में रखा गया। उन्हें इंटरनेट की विशेष सुविधाएं दी गईं। इस पर 20 लाख रुपये का खर्च आया। यह अनुभव शानदार था। यहीं से उन्होंने तय किया कि ऑनलाइन लीग भी कराएंगे।
लीग के लिए कई कंपनियों ने दिखाई रुचि
ऑफलाइन लीग के लिए बोलियां निकाली जा चुकी हैं, जिसमें कई कंपनियों ने रुचि दिखाई है। इसके लिए इंटरव्यू भी हो चुके हैं। जल्द ऑनलाइन लीग के लिए भी बोलियां निकाली जाएंगी। एक बार लीग का प्रारूप तैयार हो जाए। उसके बाद अआनंद और मैग्नस कार्लसन जैसे खिलाड़ियों से बातचीत का दौर शुरू किया जाएगा।
देश की पहली शतरंज अकादमी भुवनेश्वर में खोली जा रही है। जिस तरह बीसीसीआई ने बंगलूरू में नेशनल क्रिकेट अकादमी को स्थापित किया है उसी तर्ज पर यह अकादमी ओडिशा सरकार के सहयोग से भुवनेश्नर में स्थापित की जाएगी। स्कूली पाठ्यक्रम में शतरंज को शामिल कराने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।