फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रुद्राक्ष धारण करने के बाद इन बातों का रखें ध्यान, भगवान शिव की होगी विशेष कृपा

Tue, 06 Aug 2024 06:32 PM IST
शिखर बरनवाल धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

धार्मिक मान्यातोओं के अनुसार, रुद्राक्ष धरण करने वाले व्यक्ति पर भगवान शिव की विशेष कृपा होती है। कहते हैं रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के अश्रुओं से मानी गई है। आइए इस लेख में जानते हैं कि रुद्राक्ष धारण करने के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
विज्ञापन
Rudraksh - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रुद्राक्ष को भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यातोओं के अनुसार, रुद्राक्ष धरण करने वाले व्यक्ति पर भगवान शिव की विशेष कृपा होती है। कहते हैं रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के अश्रुओं से मानी गई है। इसे धारण करने से व्यक्ति को सिर्फ धार्मिक ही नहीं बल्कि शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभ मिलते हैं। रुद्राक्ष कई तरह के होते हैं, एक मुखी से लेकर इक्कीस मुखी तक रुद्राक्ष पाए जाते हैं। मान्यता है कि इसे धारण करने से संकटों का नाश होता है व जातक को ग्रहों की अशुभता से भी मुक्ति मिलती है। मगर रुद्राक्ष धारण करने के कुछ नियम भी हैं जिनका पालन करना बहुत जरूरी होता है। इसलिए आइए इस लेख में जानते हैं कि रुद्राक्ष धारण करने के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

विज्ञापन


Budhwar ke Upay: बुधवार के दिन जरूर करें ये उपाय, भगवान गणेश की कृपा से मिलेगी खूब सफलता

विज्ञापन

Rudraksh - फोटो : freepik
रुद्राक्ष पहनने के नियम-
  • रुद्राक्ष बेहद पवित्र होता है इसलिए इसे कभी अशुद्ध हाथों से न छुएं और स्नान करने के बाद शुद्ध होकर ही इसे धारण करें।
  • रुद्राक्ष को कभी भी काले धागे में धारण नहीं करना चाहिए इसे हमेशा लाल या पीले रंग के धागे में ही धारण करें।
  • रुद्राक्ष धारण करते समय शिव जी के मंत्र ऊं नमः शिवाय का उच्चारण करना चाहिए, इससे मन को शांति मिलती है।
  • यदि आप रुद्राक्ष की माला बनवा रहे हैं तो हमेशा ध्यान रखें कि विषम संख्या में ही रुद्राक्ष धारण करें।
  • स्वयं का पहना हुआ रुद्राक्ष कभी भी किसी दूसरे को धारण करने के लिए नहीं देना चाहिए, साथ ही किसी का पहले से धारण किया हुआ रुद्राक्ष खुद नहीं पहनना चाहिए।
  • इस बात का ध्यान रखें कि माला 27 मनकों से कम की नहीं होनी चाहिए।
  • रुद्राक्ष धारण करने वालों को मांस, मदिरा या अन्य किसी भी प्रकार से नशीली चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए।
  • वैसे तो रुद्राक्ष को केवल धागे में माला की तरह पिरोकर भी धारण किया जा सकता है, लेकिन इसके अलावा आप चांदी या सोने में जड़वाकर भी रुद्राक्ष धारण कर सकते हैं।
OM Chanting: 'ॐ' का उच्चारण करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान, वरना होगा उल्टा असर
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें