फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ram Navami 2024: कैसे हुई थी भगवान राम की मृत्यु? जानें इससे जुड़े ये तथ्य

Sun, 07 Apr 2024 03:23 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रभु श्री राम के जीवन से जुड़ी कुछ ऐसी अनसुनी कहानियां हैं जो आज भी सोचने पर मजबूर कर देती हैं। श्री राम के जन्म की कथा तो सभी ने सुनी हुई है लेकिन क्या आप जानते हैं कि श्री राम की मृत्यु कैसे हुई थी।
विज्ञापन
lord rama - फोटो : iStock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Ram Navami 2024: : अयोध्या में भगवान श्री राम जन्म मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। चैत्र मास की नवमी तिथि का आरंभ 16 अप्रैल के दिन मंगलवार को दोपहर 1 बजकर 23 मिनट से प्रारंभ होगा और नवमी तिथि 17 अप्रैल को दोपहर 3 बजकर 15 मिनट तक रहेगी। श्री राम को विष्णु जी के सातवें अवतार के रूप में पूजा जाता है। प्रभु श्री राम के जीवन से जुड़ी कुछ ऐसी अनसुनी कहानियां हैं जो आज भी सोचने पर मजबूर कर देती हैं। श्री राम के जन्म की कथा तो सभी ने सुनी हुई है लेकिन क्या आप जानते हैं कि श्री राम की मृत्यु कैसे हुई थी। आइए जानें प्रभु श्री राम की मृत्यु से जुड़ी कथाओं के बारे में।

विज्ञापन


कैसे हुई प्रभु श्री राम की मृत्यु
श्री राम की मृत्यु से जुड़ी कई कथाएं प्रचलित हैं। पहली कथा के अनुसार जब सीता माता ने अपने दोनों बच्चों लव और कुश को प्रभु श्रीराम को सौंपा और धरती माता में समा गईं। माता सीता के जाने से प्रभु श्रीराम बहुत दुखी  हो गए। उन्होंने यमराज से सहमति लेकर सरयू नदी में जल समाधि ली।

दूसरी कथा
एक अन्य कथा के अनुसार भगवान राम ने धरती पर 1000 वर्षों से भी ज्यादा समय तक शासन किया। पद्मपुराण के अनुसार भगवान राम जब अपना अवतारकाल समाप्त करके एक ऋषि का रूप धारण करके आये तब यमराज भी एक ऋषि के रूप में आए और उन्होंने राम जी से बात करने का आग्रह किया और यह शर्त रखी कि बात करते समय कोई भी बीच में न आए। उस समय प्रभु श्री राम ने भ्राता लक्ष्मण से कहा कि वो एकांत चाहते हैं , इसलिए आप दरवाज़े पर खड़े हो जाएं जिससे कोई भीतर प्रवेश न कर सके। इतनी देर में ऋषि दुर्वाशा वहां आ गए और राम जी से मिलने का आग्रह करने लगे। लक्ष्मण जी के मना करने पर भी ऋषि नहीं माने और क्रोधित होकर बात करने लगे। लक्ष्मण जी दुर्वासा के क्रोध से बचने के लिए कमरे में प्रवेश कर गए जहां श्री राम वार्तालाप कर रहे थे। ये देखकर श्री राम भी लक्ष्मण पर कुपित हुए और उन्हें मृत्यु दंड न देकर देश निकाला दे दिया। लक्ष्मण जी के लिए वह भी मृत्यु सामान ही था,इसलिए वो सरयू नदी में समा गए और शेषनाग का रूप धारण कर लिया। भाई की जलसमाधि से आहत होकर श्रीराम ने भी जल समाधि का निर्णय लिया। वो सरयू नदी के अंदर गए और भगवान विष्णु का अवतार ले लिया। इस तरह श्रीराम ने मानव शरीर त्याग दिया और बैकुंठ धाम चले गए।

मेष राशिफल 2024 तुला राशिफल 2024
वृषभ राशिफल 2024 वृश्चिक राशिफल 2024
मिथुन राशिफल 2024 धनु राशिफल 2024
कर्क राशिफल 2024 मकर राशिफल 2024
सिंह राशिफल 2024 कुंभ राशिफल 2024
कन्या राशिफल 2024 मीन राशिफल 2024
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें