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Masik Durga Ashtami February 2022 : माघ माह की दुर्गाष्टमी आज, जानिए महत्व तिथि और पूजन विधि

Tue, 08 Feb 2022 08:27 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली

सार

Masik Durga Ashtami February 2022: अष्टमी तिथि पर दुर्गा उपासना करने से लंबी आयु की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि हर माह की अष्टमी तिथि पर पूजा-अर्चना करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों की हर संकट से रक्षा करती हैं।
 
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मासिक दु्र्गाष्टमी:हर माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर देवी दुर्गा की आराधना की जाती है। - फोटो : istock
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विस्तार
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Masik Durga Ashtami February 2022 :  हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर देवी दुर्गा की आराधना की जाती है। हिंदू धर्म में मां दुर्गा की उपासना करने का विशेष महत्व होता है। अष्टमी तिथि पर दुर्गा उपासना करने से लंबी आयु की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि हर माह की अष्टमी तिथि पर पूजा-अर्चना करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों की हर संकट से रक्षा करती हैं। आइए जानते हैं मासिक दुर्गाष्टमी का महत्व तिथि और पूजन विधि के बारे में। 
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मासिक दु्र्गाष्टमी: माघ माह की दुर्गा अष्टमी 8 फरवरी को मनाई जाएगी। - फोटो : istock
मासिक दुर्गा अष्टमी की तिथि
अष्टमी तिथि आरंभ: 8 फरवरी, मंगलवार, प्रातः 06:15 मिनट से
अष्टमी तिथि समाप्त: 9 फरवरी, बुधवार, प्रातः 08:30 मिनट पर
 

मासिक दु्र्गाष्टमी: इस व्रत को पूरे समर्पण के साथ करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। - फोटो : istock
माघ माह की मासिक दुर्गा अष्टमी का महत्व
वैसे तो प्रत्येक माह की अष्टमी का महत्व है। लेकिन माघ माह की दुर्गा अष्टमी का विशेष महत्व है। गुप्त नवरात्रि के कारण माघ माह की दुर्गा अष्टमी का महत्व और भी बढ़ गया है। इस दिन जो साधक साधना करते हैं उनकी हर प्रकार की मनोकामना पूर्ण होती है। मां दुर्गा अपने भक्तों के सभी कष्टों का निवारण करती हैं। मान्यता है कि इस व्रत को पूरे समर्पण के साथ करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस दिन देवी के कई मंत्रों का जप करना और दुर्गा चालीसा का पाठ किया जाता है।
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मासिक दु्र्गाष्टमी: मां दुर्गा का कुमकुम, अक्षत से तिलक करें और मौली, लाल पुष्प लौंग कपूर आदि से विधि पूर्वक पूजन करें। - फोटो : istock
मासिक दुर्गाष्टमी पूजन विधि
  • ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पूजा स्थल की साफ सफाई कर स्नान आदि करके स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें।
  • अब पूजाघर में गंगाल जल का छिड़काव करें। एक चौकी पर लाल रंग का आसान बिछाकर उस पर दुर्गा मां की प्रतिमा स्थापित करें।
  • इसके बाद माता रानी को लाल चुनरी चढ़ाएं और श्रृंगार का सामान चढ़ाएं और मां दुर्गा के सामने धूप दीप प्रज्वलित करें।
  • इसके उपरांत मां दुर्गा का कुमकुम, अक्षत से तिलक करें और मौली, लाल पुष्प लौंग कपूर आदि से विधि पूर्वक पूजन करें।
  • इसके ऊपर पान के ऊपर सुपारी और इलायची रखकर चौकी पर मां दुर्गा के सामने रखें।
  • इसके बाद भोग स्वरूप उन्हें मिष्ठान अर्पित करें।
  • पूजन के दौरान मां दुर्गा का स्मरण करते रहें और दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
  • पूजन पूर्ण होने के बाद मां दुर्गा की आरती करें और पूजन में हुई भूल के लिए क्षमा मांगे। 
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