हिंदू धर्म में पूजन के बाद आरती करने का प्रावधान है। प्रत्येक देवी-देवता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए आरती की जाती है। चाहें किसी भी देवी -देवता का पूजन किया जाए बिना आरती के वह अधूरा माना जाता है। शास्त्रों में आरती करने का विशेष महत्व बताया गया है। स्कंद पुराण के अनुसार भगवान विष्णु कहते हैं कि जो मनुष्य बत्तियों से युक्त घी से भरे दीपक को प्रज्वलित करता है और आरती उतारता है वह कोटि कल्पों तक स्वर्गलोक में निवास करता है। जो मनुष्य मेरे समक्ष आरती करता या आरती दर्शन करता है उसे परम पद की प्राप्ति होती है। प्रत्येक देवी-देवता के लिए अलग आरती गाई जाती है। मां लक्ष्मी धन की देवी हैं उन्हीं की कृपा से मनुष्य को धन-वैभव की प्राप्ति होती है। मां महालक्ष्मी के पूजन के बाद उनकी आरती अवश्य करनी चाहिए। तो चलिए जानते हैं मां लक्ष्मी की आरती।