बागवानी क्षेत्र के विकास में तेजी लाने के लिए इटली और ऑस्ट्रिया का बागवानी विकास का मॉडल हिमाचल में अपनाया जाएगा। विश्व बैंक की 1134 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद से चलाए जा रहे बागवानी विकास प्रोजेक्ट को और प्रभावी बनाया जाएगा। दस दिन तक विदेशों में प्रशिक्षण लेकर बागवानी विभाग के कृषि सचिव राकेश कंवर, निदेशक आरके परूथी, हिमाचल विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेशक नरेश ठाकुर सहित बागवानी विभाग के दो अधिकारी मंगलवार को लौटे हैं।
विदेश से बागवानी, विपणन और विधायन को लेकर इन अधिकारियों ने अध्ययन किया है। अब हिमाचल लौटने पर यह टीम राज्य सरकार को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके सौंपेगी। इस रिपोर्ट में बागवानों के हितों को ध्यान में रखकर सिफारिश की जाएगी, जिससे बागवानी क्षेत्र का विकास होने के साथ फसल विपणन समस्या दूर हो। अधिकारी कहते हैं कि इटली और ऑस्ट्रिया में बागवानी क्षेत्र में नब्बे फीसदी तक सेब और अंगूर की पैदावार की जाती है।
हिमाचल में सेब का उत्पादन काफी मात्रा में होता है। सेब को लेकर विदेशों में लगातार शोध कर नई किस्में विकसित की जाती हैं। कम और अधिक अवधि की परियोजनाओं पर लगातार कार्य किया जा रहा है। बागवानों के लिए छोटी अवधि के प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं। इन देशों से बागवानी विकास में आपसी सहयोग की सिफारिश होनी है।
अधिकारियों के दौरे का बागवान कर रहे विरोध
प्रदेश के अधिकारियों के विदेश दौरे का बागवान विरोध कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश सब्जी और फल उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान ने कहा कि बागवानी क्षेत्र को लेकर जब अधिकारी विदेश दौरे पर जा रहे थे तो बागवानों के प्रतिनिधियों को भी अध्ययन के लिए ले जाना चाहिए था।