विधानसभा का शीत सत्र धर्मशाला के तपोवन में होगा।
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दो साल बाद हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीत सत्र धर्मशाला के तपोवन में शुक्रवार से शुरू होगा। यह 10 से 15 दिसंबर तक चलेगा। पिछली परंपरा के अनुसार सत्र शुरू होने के पहले दिन ही विपक्ष काम रोको प्रस्ताव लाकर प्रश्नकाल को बाधित कर सकता है। उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद उत्साहित कांग्रेस के विधायक हमलावर होंगे। विपक्ष स्थायी कर्मचारियों की जेसीसी की बैठक के बाद अस्थायी कर्मचारियों के विरोध-प्रदर्शन, पुलिस कांस्टेबलों की नाराजगी, सरकार की आर्थिक स्थिति खराब होने, कानून-व्यवस्था के बिगड़ने जैसे कई मुद्दे उठा सकता है।
तपोवन में पिछले साल कोरोना के कारण शीत सत्र नहीं करवाया जा सका था। अब चुनावी वर्ष से ठीक पूर्व होने जा रहा यह सत्र खास रहने वाला है। मंडी लोकसभा सीट के अलावा अर्की, जुब्बल-कोटखाई और फतेहपुर में भाजपा की हार पर कांग्रेस के हौसले बुलंद हैं। विधानसभा चुनाव से साल भर पहले कांग्रेस का यह जोश तपोवन के सदन में भी नजर आएगा।
सत्र के एक दिन पहले ही सरकार अपने शीत प्रवास पर धर्मशाला पहुंच जाएगी। वीरवार को सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायक धर्मशाला में जुटेंगे। वीरवार शाम सात बजे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में भाजपा विधायक दल की बैठक उपायुक्त कार्यालय धर्मशाला के कैबिनेट हाल मेें होगी।
कांग्रेेस विधायक दल की बैठक नड्डी में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में सात बजे ही शुरू होगी। कांग्रेस भाजपा को घेरने की रणनीति बनाएगी तो वहीं भाजपा भी हमलावर रुख अपनाकर विपक्ष को मुंहतोड़ जवाब देने की मोर्चाबंदी करेगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मंत्रियों को भी सधे हुए ढंग से विधायकों के प्रश्नों के जवाब देने के निर्देश देंगे।
भाजपा का एक विधायक कम होगा तो कांग्रेस का बढ़ेगा
वीरभद्र सिंह, सुजान सिंह पठानिया और नरेंद्र बरागटा के देहांत के बाद अर्की से जीतकर आए संजय अवस्थी, फतेहपुर से भवानी पठानिया और जुब्बल-कोटखाई से रोहित ठाकुर विधानसभा में नजर आएंगे। सदन का सिटिंग प्लान फिर बदलेगा। इस सत्र में कांग्रेस के एक विधायक की बढ़ोतरी होगी तो भाजपा का एक विधायक कम होगा। कांग्रेस के पहले 21 विधायक थे तो अब 22 हो जाएंगे। भाजपा के अब 43 विधायक, पूर्ववत निर्दलीय दो और एक माकपा विधायक होगा।