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भारत का आलू निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य

Sun, 11 Nov 2018 01:28 PM IST
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
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केंद्र सरकार ने भारत का आलू निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। देश के किसानों की आय दोगुना करने के दृष्टिगत आलू का निर्यात बढ़ाया जाना है। देेश से आलू के कुल उत्पादन का एक फीसदी हिस्सा निर्यात किया जा रहा है।

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इसे बढ़ाकर दो फीसदी करना है। वर्ष 1949-50 में देश में आलू की पैदावार 2.30 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में होती थी। इस दौरान आलू की पैदावार 15.4 लाख टन तक सीमित थी।

वर्तमान में 21.5 लाख हेक्टेयर भूमि में किसान आलू की पैदावार कर रहे हैं। देश के किसान करीब 5 करोड़ टन आलू का उत्पादन कर आय अर्जित कर रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश के किसानों का पैदा किया आलू का एक फीसदी हिस्सा ही दूसरे देशों को निर्यात कर रहे हैं।

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नेपाल को 70 फीसदी निर्यात हो रहा आलू 

सीपीआरआई ने वर्तमान में किसानों के लिए 58 किस्में विकसित की हैं। इनमें से कई आलू की विधायन किस्में भी शामिल हैं। देेश से कुल निर्यात होने वाले आलू का सत्तर फीसदी हिस्सा नेपाल को निर्यात किया जा रहा है।

देश के किसान गुजरात, बंगलूरू, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल को आलू पैदा कर बेचते हैं। इसके बाद इन राज्यों से देश का आलू खाड़ी के देशों सहित करीब पचीस देशों को चार लाख मीट्रिक टन आलू का निर्यात किया जा रहा है। आलू के निर्यात को करीब दोगुना किया जाना है।  

विश्व का देश में 11 फीसदी आलू पैदा हो रहा
विश्व देशों में पैदा हो रहे आलू का 11 फीसदी आलू देश में पैदा किया जा रहा है। इसके बाद भी देश में आलू का निर्यात अपेक्षाकृत काफी कम है। विश्व के देशों की मांग के अनुसार आलू बेचा जाता है तो देश के आलू उत्पादकों की माली हालत में सुधार आएगा।

क्या कहते हैं कि सीपीआरआई निदेशक
केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) के निदेशक डॉ. एसके चक्रवर्ती कहते हैं कि देश में कुल उत्पादित एक फीसदी आलू का विदेशों में हर साल निर्यात किया जाता है। आलू का निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। 
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