‘भाजपा नेता प्रेम कुमार धूमल और उनके बेटे मेरी सरकार अस्थिर करना चाहते हैं।’ यह लिखित वक्तव्य मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बुधवार को जारी किया। मुख्यमंत्री ने कहा, देश की न्यायपालिका और जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा है।
मेरे खिलाफ बनाए गए झूठे और काल्पनिक मामले फिर धराशायी हो जाएंगे। प्रशांत भूषण की जनहित याचिका पर बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई थी।
अदालत ने सुनवाई के दौरान मेरे खिलाफ कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की। प्रेम कुमार धूमल न्यायालय की कार्यवाही पर टिप्पणी कर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
धूमल मेरे खिलाफ करते रहे गलत प्रचार
सीएम ने कहा, ‘वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद मुझे कांग्रेस हाईकमान ने चुनाव प्रचार अभियान की बागडोर सौंपी थी। तब से धूमल, उनके पुत्र और सहयोगी राजनीतिक स्वार्थ से मेरे खिलाफ व्यक्तिगत दोषारोपण कर रहे हैं।
उनका पहला उद्देश्य कांग्रेस पार्टी को सत्ता में आने से रोकना था और उसके बाद कांग्रेस सरकार को अस्थिर करना। धूमल और उनके परिवार को लगता है कि भाजपा की सत्ता वापसी में मैं सबसे बड़ा अवरोधक हूं।
सोलन में आयोजित भाजपा सम्मेलन में भी मेरे खिलाफ प्रस्ताव लाना मुझ पर व्यक्तिगत आक्रमण करना था। लोस चुनाव के दौरान धूमल जनता के बीच प्रचार करते रहे कि केंद्र में नई सरकार के गठन के बाद प्रदेश की कांग्रेस सरकार गिर जाएगी।
प्रशांत भूषण ने झूठा केस दायर किया
धूमल केंद्र सरकार पर मेरे खिलाफ झूठे और मनघड़ंत मामलों के आधार पर कार्रवाई करने का दबाव बना रहे हैं। वे केंद्र के जरिये हिमाचल प्रदेश में प्रजातांत्रिक तरीके से चुनी गई कांग्रेस सरकार को अस्थिर करना चाहते हैं। मैं अदालत से पाक-साफ होकर निकलूंगा और विरोधियों के मंसूबे धरे रह जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई और आयकर विभाग से एक सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा है। प्रशांत भूषण की तरफ से दायर यह केस झूठा और काल्पनिक है।