ऊना में मनोनीत पार्षदों को दिलाई शपथ।
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश की नगर परिषद ऊना के मनोनीत पार्षदों की बचत भवन ऊना में मंगलवार को दो बार शपथ करवानी पड़ी। एसडीएम सदर ने शपथ करवाते हुए मनोनीत की जगह निर्वाचित शब्द कह दिया। हालांकि बाद में मामला संज्ञान में आने पर तुरंत सुधार करते हुए दोबारा शपथ करवाई गई। दूसरी बार फिर से त्रुटि रहने का मामला सामने आया है। दूसरी बार फिर त्रुटि होने का पूर्व पार्षद नवदीप कश्यप ने आरोप लगाया है। यह मामला दिनभर ऊना शहर में चर्चाओं में रहा।
ऊना के बचत भवन में नप ऊना के चार मनोनीत पार्षदों को शपथ दिलाई गई। छठे वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सत्ती की मौजूदगी में हुए शपथ समारोह में एसडीएम को दी प्रति में मनोनीत की जगह निर्वाचित शब्द लिखे थे। शपथ करवाते समय एसडीएम सदर की ओर से मनोनीत की जगह निर्वाचित कहा। हालांकि अधिकारियों का तर्क है कि पहली बार में पार्षदों की कॉपी में मनोनीत शब्द ही था। पहली बार शपथ होने के बाद छठे वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सत्ती के फोटो भी मनोनीत पार्षदों ने ले लिए।
इसके बाद मामला संज्ञान में आने पर तुरंत कार्यवाही का संचालन करने वाले नप के जेई ने सुधार करने की बात कही। इस पर दोबारा मनोनीत पार्षदों की मांग पर सामूहिक तौर पर ही शपथ दिलवाई गई। दूसरी बार शपथ दिलवाते हुए भी त्रुटि रहने का पूर्व पार्षद नवदीप कश्यप ने आरोप लगाया है। वार्ड चार के डॉ. सुभाष ठाकुर, वार्ड तीन के बलविंद्र, वार्ड 11 के सेवानिवृत्त कैप्टन चरणदास, वार्ड छह खामोश जैतक को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।
एसडीएम सदर डॉ. निधि पटेल ने बताया कि उनके पत्र में शब्दों के हेरफेर के कारण दूसरी बार शपथ करवाई है। हालांकि पार्षदों को दिए पत्र में सही शब्द थे। उन्होंने पहली बार भी सही पढ़ा था, लेकिन फिर दूसरी बार शपथ दिलवाई गई है। इस गलती को पकड़ने वाले पूर्व पार्षद नवदीप कश्यप ने कहा कि नगर परिषद और प्रशासन ने दो बार गलती की।