शहर के बीचोंबीच सब्जी मंडी, अनाज मंडी और लकड़ी के डिपो हटेंगे। इन मंडियों को शहर से शिफ्ट करके दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा। शिमला को खूबसूरत बनाने के लिए सरकार ने सिटी डेवलपमेंट प्लान तैयार किया है।
प्लान के तहत शिमला के चढ़ाई वाले रास्ते पर एस्केलेटर लगेंगे वहीं वाहनों को खड़े करने के लिए पार्किंग का निर्माण होगा। वाहनों की आवाजाही को डायवर्ट करने के लिए टनल का निर्माण किया जाएगा। इस प्लान के तहत शहर में भूकंप रोधी मकान बनेंगे।
शहर के ग्रीन, प्रतिबंधित और ओपन एरिया के लिए भवन निर्माण के अलग नियम रहेंगे। प्रदेश सरकार ने मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। इस प्लान को सिरे चढ़ाने के लिए सरकार ने 30 दिन के भीतर लोगों से सुझाव मांगे है।
ये सुझाव टीसीपी निदेशक, नगर निगम शिमला और टाउन प्लानर शिमला में दे सकेंगे। प्लान को लेकर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने शिमला में भवनों का सर्वे किया था। अधिकांश भवन ऐसे पाए गए जो सत्तर डिग्री ढलानदार बने हैं।
35 डिग्री से अधिक ढलान पर बनाए गए मकानों को भूकंप की दृष्टि से अधिक संवेदनशील माना जाता है। राजधानी के कच्चीघाटी में 85 फीसदी मकान 75 डिग्री स्लोप पर खड़े हैं।
समिट्री क्षेत्र में सत्तर डिग्री ढलान पर 80 फीसदी मकान खड़े हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक 35 से 40 डिग्री से अधिक ढलान पर मकान बनाना आपदा की दृष्टि से खतरनाक है।