आरटीआई एक्ट में बैंक डिटेल देने पर रोक
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हिमाचल प्रदेश सूचना आयोग ने कहा है कि पार्टियों की बैंक डिटेल अपीलकर्ता को नहीं दी जाए। हालांकि, बैंक खातों से संबंधित अन्य विवरण निशुल्क देने के आदेश दिए हैं। यह फैसला एक अपील की सुनवाई करते हुए सुनाया गया। आवेदक को हुई परेशानी की एवज में 2500 रुपये का मुआवजा देने के भी आदेश दिए हैं। राज्य मुख्य सूचना आयुक्त नरेंद्र चौहान की आरटीआई अदालत में जिला कुल्लू की कुसुम सूद ने एक अपील की। इस अपील को कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक कुल्लू जोन के एजीएम और बैंक के प्रबंध निदेशक के खिलाफ की गई। उन्होंने अपील की कि सूचना मुहैया नहीं करवाई गई है। आवेदक ने 16 मामलों की जानकारी मांगी, जिन्हें बैंक में प्रोसेस किया गया। यह सूचना परफोर्मा इन्वोइस, कोटेशन, सेल प्रमाणपत्र, आरसी, बीमा और ऋण दरख्वास्त से संबंधित थी। कुछ अन्य ऋण दरख्वास्तों से संबंधित दस्तावेज भी मांगे गए।
कांगड़ा सहकारी बैंक के बतौर एजीएम यानी जन सूचना अधिकारी उन्होंने कहा कि यह सूचना थर्ड पार्टी से संबंधित और व्यक्तिगत प्रकृति की होने के कारण नहीं दी जा सकती है। आवेदक ने कहा कि वह संस्थान की पूर्व कर्मचारी है। उन्हें सूचना लेने का अधिकार है। उनके खिलाफ एक प्रस्तावित चार्जशीट इस सूचना को मांगे जाने का आधार है। यह मोटर वाहनों के बैंक से वित्तपोषण से संबंधित है। प्रतिवादी ने उन्हें जानबूझकर यह सूचना नहीं दी है। उन्होंने इस संबंध में धर्मशाला कार्यालय में अपील की। वह वहां गई पर उन्हें सूचना नहीं दी गई। इस अपील का आरटीआई एक्ट के तय प्रावधानों के तहत निपटारा भी नहीं किया गया। आयोग ने इस अपील को स्वीकार किया और विभिन्न खातों से संबंधित सूचना देने के आदेश दिए। हालांकि, यह भी कहा कि पार्टियों की बैंक डिटेल को दिए जाने की जरूरत नहीं है।