कारोबारी ने निगम पर लगाए कार्रवाई न करने के आरोप, एनजीटी ने ग्रीन एरिया में निर्माण पर लगाया है पूर्ण प्रतिबंध
चौड़ा मैदान क्षेत्र में लोनिवि ने प्री फेब तकनीक से बनाया कॉटेज
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के चौड़ा मैदान क्षेत्र में ग्रीन एरिया के बीचोंबीच बिना अनुमति प्रीफेब तकनीक से कॉटेज बनाए जा रहे हैं। निर्माण के लिए नगर निगम से अनुमति तक नहीं ली है।
एनजीटी ने शहर के ग्रीन और कोर एरिया में निर्माण पर पूर्ण पाबंदी लगा रखी है। स्थानीय कारोबारी का आरोप है कि पाबंदी के बावजूद काम हो रहा है। नगर निगम इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। कारोबारी ने इस बारे में एनजीटी को भी शिकायत भेजी है। यह कॉटेज सरकारी होटल के कर्मचारियों के लिए बन रहे हैं। लोक निर्माण विभाग इसका निर्माण कर रहा है। विभाग का कहना है कि यह अस्थायी स्ट्रक्चर से बन रहे हैं। अभी प्रीफेब तकनीक से एक कॉटेज बनाया गया है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीण वर्मा ने कहा कि पर्यटन निगम के कहने पर यह निर्माण किया है। यह पक्का निर्माण नहीं है। कहा कि इसके निर्माण को लेकर अनुमति ली है या नहीं, इसका रिकॉर्ड चेक किया जाएगा। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि इस काम की अनुमति नहीं ली गई है। अब लोक निर्माण विभाग को नोटिस जारी किया जा रहा है। निगम के आर्किटेक्ट प्लानर देविंद्र मिस्टा ने कहा कि इस बारे में शिकायत मिली है जिसके बाद विभाग को अनुमति दिखाने को कहा जा रहा है।
जाखू मंदिर के पास चल रहा रेस्टोरेंट
जाखू मंदिर के पास भी ग्रीन एरिया में एक रेस्टोरेंट चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कोरोनाकाल में यह रेस्टोरेंट तैयार किया है। जाखू भी ग्रीन एरिया में आता है। यहां भी निर्माण पर पाबंदी है। लोगों का कहना है कि कई महीने पहले की गई शिकायत के बावजूद नगर निगम ने अभी तक इस पर कार्रवाई को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है। एनजीटी के आदेशों का पालन नहीं हो रहा। उधर, निगम प्रशासन का कहना है कि आयुक्त कोर्ट में इसके केस की सुनवाई होनी है।