दि बघाट अर्बन कोआपरेटिव बैंक की शिमला स्थित एक शाखा से लाखों के लोन फर्जीवाड़े में बैंक की प्रबंधन समिति ने कार्रवाई शुरू कर दी है। शिमला की दो पार्टियों ने कुल 84 लाख का लोन लेकर फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर बैंक को गुमराह किया। इस पर बैंक ने एफआईआर दर्ज करवाने के बाद रिकवरी शुुरू कर दी है। दोनों की संपत्तियां अटैच कर ली हैं। जानकारी के मुताबिक शिमला के दो लोगों ने वर्ष 2019 में बैंक में जमीन के कागजात लगाकर लोन के लिए आवेदन किया था। एक व्यक्ति ने 60 लाख रुपये, जबकि दूसरे ने 24 लाख रुपये के लोन के लिए आवेदन किया।
बाकायदा, इसके लिए तहसीलदार से हस्ताक्षरित डीड बनाई गई, लेकिन बाद में बैंक की ओर से जांच करने पर पाया गया कि संबंधित दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। दोनों पार्टियों का सिविल रिकॉर्ड भी ठीक नहीं है। लिहाजा, बैंक ने अब दोनों की संपत्तियां अटैच कर ली हैं। बताया जा रहा है कि दोनों ने अन्य बैंकों से भी लोन ले रखा है। बघाट बैंक के प्रशासक गौरव चौहान ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि संबंधित डिफाल्टर पार्टियों की संपत्ति अटैच कर ली है। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।