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बारिश में भीगते पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी

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शिमला के पोर्टमोर स्कूल में पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा के दौरान चेकिंग करती पुलिसकर्मी।
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शिमला। प्रश्न पत्र लीक होने के कारण विवादों में रही पुलिस कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा के लिए इस बार पुलिस पुख्ता इंतजाम किए थे। राज्य गुप्तचर विभाग के कर्मी भी परीक्षा केंद्रों पर मौजूद रहे। रविवार को कांस्टेबल के 158 पदों की लिखित परीक्षा के लिए पोर्टमोर, टुटू, छोटा शिमला और डीएवी न्यू शिमला स्कूल सहित जिले में 11 केंद्र बनाए गए। इसमें 5060 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।
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युवा सुबह साढ़े आठ बजे से परीक्षा केंद्र के बाहर जुटना शुरू हो गए। नौ बजे के बाद अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मोबाइल, घड़ी और बैग ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। परीक्षा हाल तक मेटल डिटेक्टर, एचएचएमडी सहित थ्री टियर तलाशी के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में सिटिंग प्लान के मुताबिक बैठाया गया। व्यवस्था को बनाने के लिए पुलिस कर्मी और नकल रोकने के लिए केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा और जैमर की व्यवस्था की गई थी। पेश है लाइव रिपोर्ट...
एक-एक कर दिया अभ्यर्थियों को प्रवेश
शिमला। समय : 8:30 बजे। स्थान : पोर्टमोर स्कूल। हल्की बारिश में युवतियां परीक्षा केंद्र में जाने का इंतजार कर रही हैं। उनके साथ अभिभावक भी पहुंचे हैं। परीक्षा केंद्र के बाहर युवतियों की भीड़ लगना शुरू हो गई। महिला पुलिस कर्मी अभ्यर्थियों को लाइन में खड़ा होने के निर्देश देती हैं।
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समय: 9 बजे। अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड दिखाने के बाद एक-एक कर परिसर के अंदर प्रवेश दिया गया। कुछ अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड में फोटो नहीं था। इस पर उन्हें कार्ड पर फोटो लगाने के लिए कहा गया। इस पर अभ्यर्थियों की छोटा शिमला और मालरोड के साइबर कैफे की दौड़ लगी। समय : 11:05 बजे। आईपीएस अधिकारी भगत सिंह ठाकुर बतौर पर्यवेक्षक परीक्षा केंद्र में पहुंचे। समय 11:30 बजे एक युवती भी परीक्षा केंद्र पर पहुंची। इसके एडमिट कार्ड में भी फोटो नहीं था। इसे एडमिट कार्ड पर फोटो लगाने के लिए कहा गया। समय: 11:59 परीक्षा केंद्र का मुख्य गेट बंद कर दिया गया।
समय : 12:06। यह युवती दोबारा परीक्षा केंद्र पहुंचती है। किसी तरह केंद्र का गेट खुलवाया और अंदर चली गई। समय: 12:11 युवती मायूस होकर परिसर से बाहर आ जाती है। पूछने पर बताया कि लेट होने के कारण उसे परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया। पुलिस अधीक्षक डॉ. मोनिका भुटंगरु ने बताया कि 11 केंद्रों पर परीक्षा दोपहर एक बजे तक शांतिपूर्ण ढंग से हुई है।
अभ्यर्थियों से परिचर्चा..
उम्मीद है कि इस बार सिपाही जरूर बनेंगे
पिछले बार परीक्षा में 42 अंक आए थे। इस बार पेपर अच्छा हुआ है। उम्मीद है कि परीक्षा में सफल हो पाऊंगी। -मोनिका, कुफरी।
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पहले के मुकाबले मुश्किल था पेपर
पेपर इस बार काफी मुश्किल था। पिछली बार 49 नंबर आए थे। इस बार कितने अंक आएंगे, घर जाकर प्रश्नपत्र के उत्तर जांचने पर ही पता चलेगा। -प्रियंका, रोहड़ूू।
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शायद इस बार पेपर लीक न हुआ हो
गणित और रीजनिंग के सवाल करने में मुश्किल आई। पहले 54 नंबर आए थे। इस बार करंट अफेयर के प्रश्न भी मुश्किल थे। कुल मिलाकर पेपर अच्छा हुआ है। कहा कि शायद इस बार पेपर लीक न हुआ हो। -रुबीना, रामपुर
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उम्मीद है इस बार परीक्षा रद्द न हो
इस बार समय के मुताबिक पेपर पढ़ने में समय अधिक लग गया। पिछली बार 50 अंक आए थे। पुलिस ने पेपर लीक मामले में सही जांच की है। उम्मीद है कि इस बार परीक्षा रद्द न हो। -प्रीति, रोहड़ू।
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आते समय बस में देने पड़ा किराया
2 जुलाई को सराहन-हरिद्वार बस से परीक्षा के लिए शिमला पहुंची। इस बीच बस में किराया देना पड़ा। परीक्षा में उत्तीर्ण होना की कामयाबी है। -पल्लवी, रामपुर।
क्या बोले अभिभावक..
क्या गारंटी इस बार भी परीक्षा लीक नहीं हुई
पहले दी परीक्षा में बेटी ने 52 अंक लाए थे। क्या गारंटी है कि इस बार भी परीक्षा लीक नहीं हुई होगी। उन्हें अब विश्वास नहीं है। बेटी की जिद के चलते वह उसे लेकर पहुंचे है। उधम लाल, रोहड़ू।
आज भी धर्मशाला में ठहना पड़ेगा
शिमला से ग्यारह बजे आखिरी सरकारी बस घर को जाती है। लेकिन पेपर एक बजे खत्म होना है। आज भी धर्मशाला में ठहरना पड़ेगा। छोटी गाड़ी करने के लिए पैसे नहीं हैं। बस किराये में छूट का उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ। -हेमराज, टिक्कर।
इनसेट
सड़क पर बैठकर करते रहे बच्चों का इंतजार
पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा के दौरान अभिभावक बच्चों के इंतजार में सड़क पर बैठकर इंतजार करते रहे। कई अभिभावक खड़े होकर ही एक इंतजार करते रहे। तो कुछ एक को इंतजार में नींद भी आ गई। दरअसल, अभ्यर्थी सुबह नौ बजे से परीक्षा केंद्र के अंदर चले गए थे। उषा, शिवदासी, बिजली देवी, कृष्णा, संतोष और पूजा ने बताया कि पिछली बार भी बाहर बैठकर बच्चों के आने का इंतजार किया। कहा कि इस बार भी कोई व्यवस्था नहीं है।
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