गवास गांव में देवता गुडारू महाराज के सानिध्य में 38 सालों बाद ऐतिहासिक देव अनुष्ठान शांत महायज्ञ गवास समारोह शुरू हो गया है। तीन दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक महायज्ञ में एक दर्जन से अधिक देवी देवता बीस हजार से अधिक की संख्या में देवलु पहुंच गए हैं। इस दौरान प्रचलित देव परंपरा के मुताबिक इस ऐतिहासिक देव अनुष्ठान के सफल आयोजन से क्षेत्र में सुख-समृद्धि का कामना की जाएगी।
प्रचलित दैविक कार एवं आदेशों के तहत जनवरी देवआगमन संगेडा के साथ शांत महायत्र विधिवत रूप से शुरू हुआ। समारोह के दूसरे दिन सोमवार को फेरी एवं शिखा पूजन देव परंपरा के तहत पूरा किया जाना है। अंतिम और तीसरे दिन देवताओं एवं खूंदों की विधाई (उछड पाछड) के साथ यह देव सामारोह संपन्न हो जाएगा। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस शांत महायज्ञ समारोह में देवता गुडारू गवास, जिगाह नाली के प्रमुख देवता जाबल नारायण, देवता गुडारू डिस्वाणी, देवता गुडारू थली, देवता गुडारू छुपाडी, देवता पवासी भौलाड, बोठा महासू अस्ताणी, पवासी भटवाडी, सेखल रोहटाण खूंद बतौर मेहमान शिरक्त करेंगे।
वहीं परशूराम धगोली, गुम्मा,नंडला, चिउणी व खंशकडी परशूराम अपने खूंद एवं कर्मकांड में निपूण ब्राह्मणों की टोली के साथ विशेष रूप से शामिल होकर इस देव अनुष्ठान को विधिवित रूप से संपन्न करने में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे। वहीं देवता के साथ सदियों से गौशटण (दोस्त) के रूप मे ऐतिहासिक संबध बनाए रखे हुए अढाल गांव से पांचटा परिवार बतौर विशिष्ठ मेहमान भी शिरक्त कर रहा है। इस शांत महायज्ञ के लिए क्षेत्र के ग्वास, बागी,लाका, क्याणी, मस्तोट, मीणी, झटवाडी, भटवाडी, सैंजी, अस्ताणी, शारकुली, कलोटी, भठवा आदि गांव में महमानी होगी। मंदिर कमेटी एवं देवता गुडारू गसाव के मोहतमीन बिशंबर सिंह ठाकुर ने बताया कि देवता साहिह गुडारू ग्वास की ऐतिहासिक शांत महायज्ञ के सफर आयोजन के लिए लंबे समय से समूचे क्षेत्र की जनता ने दिनरात एक किया है। अब आयोजन सफल हो सभी का सहयोग अपेक्षित है।
इस बड़े दैविक अनुष्ठान के सफल होने के बाद समूचे क्षेत्र के साथ देश-दुनिया में शांति व समृद्धि के लिए कामना की जाएगी। इस अनुष्ठान के शांत आयोजन समिति के अध्यक्ष करतार सिंह कुल्ला ने बताया कि आयोजन समिति की ओर से सभी प्रकार की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिसमें प्रदेश सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए विभिन्न विभागों की ओर से बिजली पानी व सड़क परिवहन की सेवाओं सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वहीं इस दौरान कानून व्यवस्था को बनाएं रखने के लिए पुलिस विभाग की पर्याप्त टीमें आयोजन के लिए पहुंची हैं।