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कैबिनेट निर्णय: हिमाचल में आने के लिए आरटीपीसीआर रिपोर्ट की अनिवार्यता खत्म, पंजीकरण ही करना होगा

Fri, 11 Jun 2021 06:47 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

हिमाचल कैबिनेट ने प्रदेश में प्रवेश के लिए आरटीपीसीआर की अनिवार्यता को खत्म करने का फैसला लिया है। 
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कोरोना टेस्ट(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश सरकार ने हिमाचल में आने के लिए कोरोना निगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता खत्म कर दी है। शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में कोरोना की आरटीपीसीआर रिपोर्ट की अनिवार्यता को खत्म करने का फैसला लिया गया है। हालांकि, प्रदेश में प्रवेश के लिए हिमाचल सरकार के कोविड ई-पास पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा।  पास संबंधित क्षेत्र के एसडीएम से मंजूर होना चाहिए। इस फैसले से  सबसे ज्यादा राहत पर्यटकों को मिली है।  प्रदेश में होटल व अन्य पर्यटन यूनिटों को खोलने व संचालन का फैसला लिया गया है। 

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अब प्रदेश में 14 जून से कोरोना कर्फ्यू शाम पांच बजे से सुबह पांच बजे तक रहेगा। धारा 144 खत्म कर दी गई है। सुबह नौ से शाम पांच बजे तक सभी दुकानें खुलेंगी। प्रदेश में 14 जून से राज्य के भीतर ही बसें चलेंगी। कोरोना की बंदिशों के चलते बसों में 50 फीसदी सीटों पर ही यात्री बैठ सकेंगे। फिलहाल बाहरी राज्यों के लिए अभी बस सेवाएं शुरू नहीं होंगी। प्रदेश में होटल व अन्य पर्यटन यूनिटों को खोलने व संचालन का फैसला लिया गया है। निजी वाहन, ऑटो, टैक्सी आदि भी 50 फीसदी सीटिंग क्षमता के साथ चल सकेंगे।  वहीं, शादी वअंतिम संस्कार समारोह में अभी भी 20 लोग ही शामिल हो सकेंगे। नए निर्देश 14 जून सुबह छह बजे से आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे। 

बता दें प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू की बंदिशों का असर करने का अब पर्यटन क्षेत्र पर व्यापक असर पड़ा है।  सूबे के प्रमुख पर्यटक शहरों शिमला, मनाली, धर्मशाला और डलहौजी में पर्यटन गतिविधियां ठप पड़ी थीं। हालांकि पिछले एक सप्ताह से कम संख्या में सैलानी हिमाचल पहुंच रहे हैं। लेकिन कोरोना कर्फ्यू की बंदिशों से सारा मजा किरकिरा हो रहा था। लेकिन शुक्रवार को  कैबिनेट बैठक में पर्यटकों को बड़ी राहत दी गई है। अब पर्यटकों की संख्या बढ़ने से न सिर्फ व्यवसायिक संस्थानों में रौकन बढ़ जाएगी, बल्कि सभी की आमदनी में भी इजाफा होगा।  
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पिछले 10 दिनों के दौरान हिमाचल प्रदेश में 65 हजार से ज्यादा लोगों ने प्रवेश किया है। कोविड ई पास साफ्टवेयर पर 29 हजार 548 पास जारी किए गए जबकि 65 हजार 384 लोग प्रदेश के अंदर दाखिल हुए। इनमें सोलन में 14866, कांगड़ा में 12733, ऊना में 9742, कुल्लू में 6471, शिमला में 5307, मंडी में 4628, हमीरपुर में 115, बिलासपुर में 2615, सिरमौर में 2216, चंबा में 2184, लाहौल स्पीति में 337 और किन्नौर में 190 लोग पहुंचे हैं। 

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वर्किंग कैपिटल पर ऋण लेने वाले होटल कारोबारियों को बड़ी राहत

 वर्किंग कैपिटल पर ऋण लेने वाले होटल कारोबारियों को सरकार ने बड़ी राहत देते हुए इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम को संशोधित कर दिया है। वर्किंग कैपिटल पर ऋण लेने वाले होटल कारोबारियों को अब पहले वर्ष में ब्याज में 75 फीसदी छूट दी जाएगी। ट्रेवल एजेंट और रोप-वे प्रबंधन को भी इस योजना में शामिल किया गया है। कम ब्याज पर इन लोगों को भी ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। 

आर्थिक संकट से जूझ रहे प्रदेश के होटल कारोबारियों को सरकार ने बीते वर्ष 11 फीसदी ब्याज पर चार साल के लिए ऋण देने की योजना चलाई है। ऋण की अवधि चार वर्षों के लिए रखी गई है। पहले दो वर्षों तक ब्याज में हर वर्ष 50 फीसदी छूट दी जा रही है। पहले दो वर्ष सरकार 50 फीसदी ब्याज चुका रही है। योजना में अब संशोधन कर दिया है। अब ऋण की अवधि पांच साल कर दी है। पहले वर्ष में 75 फीसदी तक ब्याज में छूट देने का फैसला लिया है। राज्य सहकारी बैंक, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक, जोगिंद्रा सहकारी बैंक और व्यावसायिक बैंकों के माध्यम से ऋण दिए जाएंगे।
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