हिमाचल प्रदेश में गुरुवार को 16 और कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हो गई है। कांगड़ा जिले में पांच, मंडी चार, शिमला दो, जबकि चंबा, सोलन, कुल्लू, सिरमौर और ऊना जिले में एक-एक संक्रमित ने दम तोड़ दिया। उधर, प्रदेश में 533 नए कोरोना पॉजिटिव मामले आए हैं। इनमें से मंडी जिले में 104, चंबा 86, कांगड़ा 70, शिमला 46, ऊना 40, हमीरपुर 41, सिरमौर 36, बिलासपुर 29 , सोलन 24, किन्नौर 25, कुल्लू 28 और लाहौल-स्पीति चार नए मामले आए हैं।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में 862 मरीजों ने कोरोना को मात दी। अब प्रदेश में कुल कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 197438 पहुंच गया है। इनमें से अब तक 187734 संक्रमित ठीक हो चुके हैं। सक्रिय कोरोना मामले घटकर 6338 रह गए हैं। प्रदेश में अब तक 3342 संक्रमितों की मौत हुई है। बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना की जांच के लिए 22789 लोगों के सैंपल लिए गए। प्रदेश के 11 जिलों में सक्रिय मामले एक हजार से नीचे आए गए हैं। कांगड़ा में ही अब एक हजार से अधिक सक्रिय केस है।
किस जिले में कितने सक्रिय मामले
कांगड़ा 1374
शिमला 716
सोलन 467
मंडी 918
चंबा 725
सिरमौर 354
ऊना 473
बिलासपुर 187
हमीरपुर 531
कुल्लू 348
किन्नौर 175
लाहौल-स्पीति 70
103 वर्षीय रसीलो देवी ने कोरोना को दी मात
राजीव गांधी आयुर्वेदिक स्नातकोत्तर शिक्षण संस्थान पपरोला में बनाए कोविड केयर सेंटर में भर्ती जयसिंहपुर गांव की 103 वर्षीय बुजुर्ग महिला कोरोना को मात देकर घर लौट गई हैं। एक सप्ताह से महिला का उपचार चल रहा था। गुरुवार को उन्हें घर भेज दिया गया। महिला को जब सेंटर में भर्ती किया गया था, उस समय उनका ऑक्सीजन स्तर बहुत नीचे था। तेज बुखार था तथा सांस लेने में दिक्कत थी। बुजुर्ग महिला ने बताया कि मेडिकल स्टाफ का व्यवहार और अन्नपूर्णा सोसायटी की ओर से उपलब्ध करवाया जा रहा खाना उपचार में सहायक रहा। उनके अलावा गुरुवा को दो छोटे बच्चों और उनकी मां को भी स्वस्थ होने पर घर भेज दिया गया। कोविड केयर सेंटर के चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप ने बताया कि अब रोजाना दो या तीन मरीज सेंटर में आ रहे हैं। आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या में और कमी आएगी।
दूसरी लहर में संक्रमित हुए लोग ठीक होने में ले रहे ज्यादा वक्त
हिमाचल प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर में मरीज 20 दिन बाद ठीक हो रहे हैं जबकि पहली लहर में 10 दिन बाद ही ठीक हो जाते थे। उन्हें 14 दिन बाद घर भेज दिया जाता था। दूसरी लहर में ज्यादा समय लगने का कारण लोगों की हालत गंभीर होने के बाद ही अस्पताल आना बताया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो अभी अस्पतालों में ऐसे कई मरीज हैं जो गंभीर हैं। टांडा मेडिकल कॉलेज, धर्मशाला अस्पताल, नेरचौक मेडिकल कॉलेज समेत डीडीयू और अन्य अस्पतालों में कोविड मरीजों का उपचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि कोविड अस्पतालों को जल्द डी-नोटिफाई किया जाएगा। मामले जरूर कम हुए हैं, लेकिन दूसरी लहर में मरीज ठीक होने में ज्यादा समय ले रहे हैं।