उपायुक्त सुदेश मोख्टा का कहना है कि अभियान सफल रहे इसके लिए सभी प्रार्थना कर रहे हैं।
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मणिमहेश पर्वत की भैरोघाटी में शुक्रवार को खराब मौसम के बीच सियाचिन से पहुंचे जवान व पर्वतारोहण संस्थान के सदस्य लापता युवकों की खोज करते रहे। बारिश और बर्फबारी के बीच यह अभियान करीब तीन घंटे तक चला। सुबह सात बजे से सेना के जवानों ने दोनों युवकों की खोज का अभियान शुरू किया। इसके कुछ देर बाद हल्की बर्फबारी और फिर बारिश भी शुरू हो गई।
लेकिन अभियान नहीं रुका और करीब दस बजे तक दल के सभी सदस्य चिह्नित जगह पर विशेष उपकरणों से दोनों युवकों की खोज में लगे रहे। बर्फबारी बढ़ने के बाद अभियान को रोका गया और सभी सदस्य बेस कैंप में वापस लौट आए। दोपहर बाद दोबारा अभियान शुरू नहीं हो सका। खोज अभियान की पल-पल अपडेट के लिए प्रशासन वायरलेस की मदद ले रहा है।
उधर, डलहौजी से सेना के जवानों का एक और दल सुंदरासी के लिए रवाना हुआ है। यह जवान अपने साथ हिमस्खलन में काम आने वाले औजार व डिटेक्टर ले गए हैं। इस दल के देर शाम तक धनछो पहुंच जाने की उम्मीद है। इसके बाद यह दल शनिवार को बाकी दस्ते के साथ खोज अभियान में शामिल हो जाएगा।
दल के पास पांच दिन की राशन सामग्री- मणिमहेश पर्वत पर जारी खोज अभियान के सभी सदस्य अपने साथ पांच दिन की राशन सामग्री ले गए हैं। यह अभियान किसी भी हालात में पांच दिन तक जारी रह सकता है। इसके बाद इस अभियान में जुड़े मजदूरों के माध्यम से हड़सर से सामग्री मंगवाई जा सकती है। अभियान दल ने सुंदरासी में ठिकाना बना लिया है और वहीं से ऑपरेशन चल रहा है।
उम्मीद है सफल होगा अभियान- उपायुक्त सुदेश मोख्टा का कहना है कि अभियान सफल रहे इसके लिए सभी प्रार्थना कर रहे हैं। उम्मीद है कि सेना के जवानों को जल्द कामयाबी मिलेगी। दोनों युवक जिस भी हालात में होंगे उनके परिजनों तक पहुंच पाएंगे। मौसम ज्यादा खराब होता है तो अभियान रोका जा सकता है।