एचपीयू के प्रति-कुलपति एवं कार्यवाहक कुलपति प्रो. राजेंद्र वर्मा ने कहा कि राजनीतिक क्षेत्र में युवाओं की अहम भूमिका है। इसके लिए उन्होंने विधि अध्ययन संस्थान यूआईएलएस की सराहना की।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में वीरवार से राष्ट्रीय युवा संसद का सत्र शुरू हुआ। पहले दिन समान आचार संहिता बिल पेश किया गया। सत्ता पक्ष ने बिल पेश कर इसे बहस के लिए रखा। बिल पर सत्ता पक्ष और विपक्ष की भूमिका निभा रहे युवा सांसदों के बीच लंबी चर्चा और तीखी नोकझोंक हुई। शुक्रवार को बिल पर चर्चा जारी रहेगी और उसके बाद ही बिल के पास होने या न होने पर युवा संसद में निर्णय होगा।
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विधि संस्थान यूआईएलएस की ओर से आयोजित राष्ट्रीय युवा संसद का शुभारंभ मुख्य अतिथि न्यायाधीश न्यायमूर्ति लोकायुक्त हिमाचल प्रदेश चंद्र भूषण बारोवालिया ने किया। देशभर के विधि संस्थानों के युवा संसद में हिस्सा ले रहे हैं। 110 छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए समान आचार संहिता की बारीकियां समझाईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता एचपीयू के प्रति-कुलपति एवं कार्यवाहक कुलपति प्रो. राजेंद्र वर्मा ने की।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक क्षेत्र में युवाओं की अहम भूमिका है। इसके लिए उन्होंने विधि अध्ययन संस्थान यूआईएलएस की सराहना की। सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में पंजाब विश्वविद्यालय विधि विभाग के चेयरमैन प्रो. देविंद्र सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत कर समान आचार संहिता के पहलुओं की जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि देश के युवा अब ज्यादा सब्र नहीं कर सकते। देश का युवा चाहता है कि समान आचार संहिता जल्द कानून का रूप ले और इसे देश में लागू किया जाए। संस्थान के निदेशक निदेशक प्रो. शिव कुमार डोगरा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि पहली बार संस्थान राष्ट्रीय स्तर की युवा संसद का आयोजन कर रहा है। इस दौरान प्रदेश विधिक अध्ययन संस्थान के न्यूजलैटर ‘विधि’ का भी विमोचन किया गया।