अपनी ही सरकार में सियासी तौर पर हाशिये पर चल रहे हिमाचल कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष विधायक राजेंद्र राणा ने सीएम सुक्खू व उनके करीबियों पर परोक्ष रूप से जुबानी निशाना साधा है। नाम न लेकर विधायक राजेंद्र राणा ने पत्रकारों से जिला मुख्यालय हमीरपुर में रविवार को अनौपचारिक बातचीत में कहा कि वर्तमान सरकार में बिना चुनाव लड़े कैबिनेट रैंक पाने वाले नेता कई मौको पर चुने हुए विधायकों से आगे कर दिए जा रहे हैं। जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हताशा है। विधायक राणा रविवार को हीरानगर में भाजपा नेता विनोद ठाकुर की बेटी की शादी की रिसेप्शन में शामिल होने पहुंचे थे।
पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने अपनी की सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। गत शनिवार को विधायक निधि जारी न किए जाने पर उन्होंने सवाल उठाए थे जबकि अगले ही कल परोक्ष रूप से अपनी ही सरकार को सवालों में ला दिया है। यहां पर पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में सुक्खू सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। सवालों के जवाब में राणा ने कहा कि कांग्रेस सरकार को सत्ता में लाने के लिए धरना-प्रदर्शन कर भाजपा सरकार में संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं के केस अभी तक वापस नहीं हुए हैं। पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं को अभी तक बोर्डों और निगमों में नियुक्ति नहीं मिल सकी है। सरकार के सत्ता में आने के बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं को उम्मीद रहती है। नियुक्ति मिलने से कार्यकर्ताओं का मनोबल बना रहता है।
मंत्री पद के सवाल पर विधायक राणा ने कहा कि उन्हें मंत्री पद ऑफर किया जाता है तो वह विचार करेंगे कि क्या निर्णय लेना है। राम मंदिर निर्माण को लेकर राणा ने कहा कि राम सबके हैं,इसलिए उनके नाम पर राजनीति हरगिज नहीं होनी चाहिए। यही नहीं लोकसभा चुनाव में उन्हें पार्टी प्रत्याशी बनाए जाने के सवाल पर राणा ने कहा कि टिकट ऑफर होता है तब भी केवल सुजानपुर की जनता तय करेगी कि चुनाव लडऩा है या नहीं। तीन दफा सुजानपुर की जनता ने उन्हें विधायक चुना है ऐसे में लोकसभा चुनाव लडऩे का फैसला भी सुजानपुर की जनता ही करेगी। सुजानपुर में प्रस्तावित सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के न आने की अटकलों के सवाल पर राणा ने कहा कि यह मुख्यमंत्री का अधिकार है कि उन्हें कहां जाना है अथवा नहीं।
समाचार:कमलेश