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कुल्लू में एक ही दिन में पांच रुपये घट गए सुपर क्लास सेब के दाम, सोलन-परवाणू में अटकी खेप

Thu, 26 Aug 2021 12:26 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू/खराहल/सोलन/चंबा

सार

कुल्लू जिले की बंदरोल सब्जी मंडी में बुधवार को 55 रुपये प्रति किलो के हिसाब से सुपर क्लास का सेब बिका है। मंडियों में मंगलवार को यही सेब 60 रुपये तक बिका था। एक दिन में दामों में पांच रुपये की गिरावट आई है। 
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कुल्लू में सेब की पैकिंग करते बागवान, सोलन में हाईवे किनारे खड़े सेब के ट्रक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में बंपर फसल होने पर सेब की एक करोड़ पेटियों का उत्पादन होता है, लेकिन इस वर्ष सेब की 50 लाख पेटियों के उत्पादन होने की उम्मीद जताई गई है। कम उत्पादन के चलते भी बागवानों को मंडियों में वाजिब दाम नहीं मिल रहे हैं।  ओलों से दागी फसल के दाम भी बहुत कम मिल रहे हैं। जिले की बंदरोल सब्जी मंडी में बुधवार को 55 रुपये प्रति किलो के हिसाब से सुपर क्लास का सेब बिका है। मंडियों में मंगलवार को यही सेब 60 रुपये तक बिका था। एक दिन में दामों में पांच रुपये की गिरावट आई है।  शुरूआती दौर में ओलावृष्टि, बर्फबारी और अंधड़ के कहर से बागवानों को भारी नुकसान हुआ था। हालांकि कई बागवानों ने सेब की फसल को ओलोें से बचाने के लिए एंटीहेल नेट लगाए थे। इसके बावजूद मौसम की मार के कारण सेब फसल को नुकसान पहुंचा।

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इससे सेब की एक करोड़ पेटियों के उत्पादन का लक्ष्य काफी पीछे छूट गया। कुल्लू में करीब 30 हेक्टेयर भूमि पर बागवानी हो रही है। 75 हजार परिवार प्रत्यक्ष रूप से सेब कारोबार जुड़े हैं। सेब उत्पादन में कुल्लू का सूबे में दूसरा स्थान है, जबकि पहले पायदान पर जिला शिमला है। फलोत्पादक मंडल कुल्लू के प्रधान प्रेम शर्मा ने कहा कि इस साल आरंभ से बर्फबारी, ओलावृष्टि और अंधड़ के कारण सेब फसल को बड़ी क्षति हुई है। इससे उत्पादन में भी गिरावट आई है। उत्पादन कम होने के बावजूद बागवानों को उम्दा दाम मिलने से महरूम होना पड़ रहा है। बागवानों को उम्मीद थी कि इस बार सेब के दाम बेहतर रहेंगे। सब्जी मंडी बंदरोल में आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मोहन ठाकुर ने कहा कि बुधवार को सब्जी मंडी में 55 रुपये प्रति किलो ए श्रेणी का सेब बिका है। उन्होंने कहा कि बंदरोल सब्जी मंडी में बागवानों को उचित कीमत दिलाने का भरपूर प्रयास रहता है।

कुल्लू: क्रेट में भी 55 से 70 रुपये किलो बिक रहा सेब 
कुल्लू की मंडियों में बागवानों को क्रेट में सेब की अच्छी कीमत मिल रही है। बंदरोल, पतलीकूहल, भुंतर और अखाड़ा बाजार सूबे की कई मंडियों में भी अधिकतर सेब क्रेट में बिकने के लिए आ रहा है। जिले में 70 से 75 फीसदी सेब स्थानीय मंडियों में क्रेट के माध्यम से ही बिक रहा है। सोमवार को बंदरोल सब्जी मंडी में 55 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब ए श्रेणी का सेब बिका है। एक सप्ताह पहले 70 रुपये प्रतिकिलो बिका था। कुल्लू और लाहौल-स्पीति विपणन बोर्ड के सचिव सुशील गुलेरिया ने कहा कि कुल्लू जिले में तमाम मंडियों में क्रेट में ही अधिक सेब बिक रहा है। इससे बागवानों का कार्टन और वारदाना को खरीदने का खर्चा भी बच रहा है। फलोत्पादक मंडल के प्रधान प्रेम शर्मा कहते हैं कि बागवान सेब को मंडियों में क्रेट में ही भेजने को तरजीह दे रहे हैं। इससे बागवानों का अतिरिक्त खर्चा भी काफी बच रहा है। कार्टन की तुलना में क्रेट में सेब गुणवत्ता की पहचान जल्दी होती है। व्यापारी भी तसल्ली से सेब खरीद रहा है।
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चंबा में 10 किलो की पेटी 400 रुपये में बिक रही
 जनजातीय क्षेत्र भरमौर के बागवानों को सेब के उचित दाम व्यापारियों से नहीं मिल पा रहे हैं। नतीजतन, बागवानों ने अब बागीचों से सेब तुड़ान का कार्य बंद कर दिया है। बागवानों को रॉयल सेब की दस किग्रा पेटी के 400 रुपये मिल रहे हैं। उत्पादक संगठन के सुरेश कुमार ने कहा कि पिछले साल दस किग्रा सेब के 1200 रुपये तक दाम मिले थे। 

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सोलन: ओलावृष्टि से गिरी क्वालिटी, सोलन-परवाणू में अटकी खेप

प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में बीते दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि से सेब की गुणवत्ता गिरना शुरू हो गई है। बागवानों को उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। मंडियों में दागी सेब पहुंच रहा है। बुधवार को भी सोलन सेब मंडी में ग्रेड को देखते हुए रेट मिले हैं। सेब के उचित दाम न मिलने से बागवान परेशान हो गए हैं। रोजाना परवाणू और सोलन सेब मंडी में 15 से 20 हजार सेब की पेटियां पहुंच रही हैं, लेकिन सेब की क्वालिटी डाउन होने से सेब आगे सप्लाई नहीं हो रहा है।
 सेब मंडी सोलन व परवाणू में इन दिनों सेब का सीजन जोरो पर हैं। अभी तक दोनों मंडियों में 12 लाख सेब की पेटियां पहुंच चुकी हैं।

बुधवार को सोलन सेब मंडी में 15 हजार और परवाणू सेब मंडी में 20 हजार सेब की पेटियां पहुंची हैं। वहीं बीते दिनों बाहरी राज्यों में भारी बारिश के कारण सेब सप्लाई भी बाधित हुई थी। महाराष्ट्र और यूपी की सड़कों में पानी भरने के कारण यहां से आए कारोबारी सेब की खरीद नहीं कर रहे थे। जबकि अन्य मंडियों से भी बहुत कम कारोबारी प्रदेश में सेब खरीद के लिए पहुंच रहे हैं। परवाणू और सोलन सेब मंडी में रोजाना करीब 31 करोड़ का कारोबार किया जा रहा है। जुलाई से अगस्त माह एक पहले सप्ताह तक बागवानों को सेब के अच्छे दाम मिल रहे थे। इस बीच सेब की एक पेटी तीन हजार रुपये तक भी बिकी, लेकिन अब बाहरी राज्यों में बारिश से कम कारोबारियों का प्रदेश में पहुंचना और ओलावृष्टि से हुए दागी सेब के बागवानों को बहुत कम दाम मिल रहे हैं। 

ओलावृष्टि से गिरी सेब की गुणवत्ता
मंडी समिति सोलन के सचिव डॉ. रविंद्र शर्मा ने कहा कि मंडी में ओलावृष्टि से दागी हुआ सेब भी पहुंच रहा है। जिसके ग्रेड के हिसाब से दाम मिल रहे हैं। उन्होंने बागवानों से अपने उत्पाद को ग्रेड कर मंडी में लाने की अपील की है। ताकि उन्हें उनके उत्पाद के अच्छे दाम मिल सकें।
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