मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि अधिकारियों को लीक से हटकर और नवाचार विचारों के साथ आगे आना चाहिए, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग के सामाजिक आर्थिक उत्थान और कल्याण के लिए नवीन कार्यक्रम और परिणामोन्मुखी नीतियां बनाई जा सकें। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिप्पा) के कल्पतरु भवन का लोकार्पण करने के उपरांत प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने हिपा के ई ऑफिस और वॉल ई का भी शुभारंभ किया।
कहा कि लोगों ने नेताओं और सरकारी कर्मचारियों के बारे में भी धारणा बनाई है। इसलिए महत्वपूर्ण है कि अधिकारी आम लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए अधिक उत्साह से कार्य करें। सरकार जनमंच के माध्यम से जनता की शिकायतों का घरों के निकट निवारण कर रही है। आयुष्मान भारत योजना में जो लोग शामिल नहीं हैं, उन्हें सरकार ने हिमकेयर योजना में शामिल किया है। गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के परिवारों को तीन हजार रुपये प्रतिमाह देने के लिए सहारा योजना शुरू की गई। मुख्यमंत्री ने एचएएस प्रशिक्षुओं से बातचीत भी की।
सचिव प्रशासनिक सुधार एवं ग्रामीण विकास और पंचायतीराज संदीप भटनागर ने कहा कि प्रशिक्षुओं को सरकारी कार्य की बेहतर समझ सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है। हिपा के निदेशक विवेक भाटिया ने मुख्यमंत्री और अन्य का किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 19 नवनियुक्त एचएएस और अन्य सिविल सेवा अधिकारियों ने 8 सप्ताह के फाउंडेशन कोर्स में भाग लिया।
इन अधिकारियों में नौ हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा अधिकारी, एक हिमाचल प्रदेश पुलिस सेवा अधिकारी, दो तहसीलदार, तीन खंड विकास अधिकारी, दो जिला श्रम एवं रोजगार अधिकारी, एक जिला नियंत्रक खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले और एक पंचायतीराज प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य शामिल हैं। एचएएस प्रशिक्षु विवेक गुलेरिया और शिखा पटियाल ने हिपा में आयोजित दो माह के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पर अनुभव साझा किए। सीएम ने डॉ. राजीव बंसल और डॉ. मनोज शर्मा की ओर से लिखित पुस्तक सिटीजन इम्पॉवरमेंट-ए-स्टडी ऑफ ई-गवर्नेंस सर्विसेज और डॉ. राजीव बंसल की पुस्तक स्टैपिंग स्टोनज-ए- कम्पेंडियम ऑफ केस स्टडीज का भी विमोचन किया।