ग्राम पंचायत नघ्यार की उपप्रधान की निलंबन के लिए प्रधान-ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
बरठीं (बिलासपुर)। विकासखंड झंडूता की ग्राम पंचायत नघ्यार में उपप्रधान मीनाक्षी के खिलाफ वर्तमान प्रधान, सदस्यों और ग्रामीणों ने पूरी तरह से मोर्चा खोल दिया है। मनमानी और सरकारी पैसे के गबन के आरोप में उप प्रधान के निलंबन के लिए ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त बिलासपुर, जिला पंचायत अधिकारी और खंड विकास अधिकारी से मिला। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उपप्रधान की मनमानी, सदस्यों के साथ अभद्र व्यवहार और पंचायत के विकास कार्य में बाधा डालते हुए मस्टररोल के साथ की गई छेड़छाड़ के एवज में वर्तमान उपप्रधान की शक्तियों को छीनकर उसे पद मुक्त किया जाए ताकि पंचायत में विकास कार्य पारदर्शिता के साथ किए जा सकें।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल भाग सिंह, नीलम, कुमारी, पूनम, किशोरी लाल, रघुवीर सिंह, विश्वास, कैप्टन प्रकाश चंद, अमरनाथ, अजय कुमार, महेंद्र सिंह, राजकुमार, राजेंद्र सिंह, जोगिंदर सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत नघ्यार ने जांच की, जिसमें पाया गया कि वार्ड नंबर चार में 15वां वित्त आयोग के अंतर्गत संपर्क मार्ग शिव मंदिर से मरूडा (कुट) के कार्य में निरीक्षण के दौरान उपप्रधान ने संबंधित वार्ड सदस्य से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए और मस्टरोल में अनाधिकृत रूप से अनावश्यक रूप से हस्तक्षेप किया गया है।
खंड विकास अधिकारी झंडूता ने उपप्रधान को पंचायत के कार्यों में अनावश्यक रूप से हस्तक्षेप न करने और प्रतिनिधियों के साथ शालीन भाषा का प्रयोग करने के आदेश जारी किए हैं। पत्र के माध्यम से चेतावनी दी है कि यदि वह अपने व्यवहार से बाज नहीं आती हैं तो इस तरह के कृत्यों के लिए सख्त विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा शिकायतकर्ता किशोरी लाल के शिकायत पत्र पर खंड विकास अधिकारी झंडूता की जांच रिपोर्ट के आधार पर उपप्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, किन्तु संबंधित उप प्रधान का उत्तर अभी तक कार्यालय में प्राप्त नहीं हुआ है। जवाब न मिलने के बाद मामले में आगामी कार्रवाई अमल में लाई जानी है। इस कारण मामला अभी विचाराधीन है। समस्त ग्रामीणों ने उपप्रधान की शक्तियों को छीन कर पद मुक्त करने की मांग की है अन्यथा ग्रामीण उप प्रधान के खिलाफ सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।