शहर में बिजली की आंख मिचौनी से लोगों को छुटकारा मिल जाएगा। सर्दियों में बिजली गुल होने से उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ज्यादातर बिजली के कट सुबह के समय लगते हैं जब लोग घर से बाहर काम जाने के लिए तैयार हो रहे होते हैं ऐन मौके पर बिजली गुल हो जाती है।
हीटर बंद हो जाते हैं और लोगों को ठंड में ठिठुरना पड़ता है। इसका सीधा असर आम आदमी से लेकर कारोबारी सहित सभी पर पड़ता है। पीक ऑवर में बिजली गुल होने से लोगों के सब कामों में देरी हो जाती है। बिजली बोर्ड के दावे को सटीक मानकर चलें तो शिमला शहर में उपभोक्ताओं को बिजली कट नहीं सहने पड़ेंगे। बिजली बोर्ड ने शहर में बिजली की 7.4 एमवीए क्षमता बढ़ा दी है।
विद्युत बोर्ड लिमिटेड के उपनिदेशक अनुराग पराशर ने बताया कि इन दिनों अप्रत्याशित विद्युत भार बढ़ने से टुटू में जीआईएस विद्युत उपकेंद्र का निर्माण किया जा रहा है। बार-बार लगने वाले बिजली कट से उपभोक्ताओं को छुटकारा दिलाने के लिए विद्युत उपकेंद्र टुटू में वैकल्पिक प्रबंध करके राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड ने 66 केवी 20 एमवीए ट्रांसफार्मर को चालू करने का निर्णय लिया है।
हालांकि पहले इसकी क्षमता 12.6 एमवीए थी। ट्रांसफार्मर को आठ जनवरी को विद्युत लोड पर डाल दिया है। इसके लगने के बाद अब शहर के हिस्सों में पीक आवर्स के दौरान कट नहीं लगेगा और पूरे शिमला शहर की विद्युत क्षमता में सुधार होगा।