भाजपा मंडल पदाधिकारी ने अपने घर में बैठकर गलत सूची बनाकर लोअर बाजार अग्निकांड प्रभावित परिवारों के साथ धोखा किया है। मंडल भाजपा सार्वजनिक करें कि वह 37 लोग कौन हैं जिन्हें मुआवजा बांटा है और किस आधार पर उन्हें मुआवजा दिया गया।
यही नहीं जिस व्यापारी की पूरी दुकान खाक हुई उसे उस सूची से बाहर रखा गया। इससे साफ है कि भाजपा मंडल पदाधिकारी द्वारा कथित तौर पर इस धांधली को अंजाम दिया है। यह गंभीर आरोप शिमला शहरी कांग्रेस ने भाजपा पर लगाए हैं।
कांग्रेस की ओर से इस बारे में उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा है। इस पूरे प्रकरण पर उठ रहे विवाद को देखते हुए डीसी ने जांच के आदेश दिए हैं और एसडीएम शहरी से दो दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की है।
जिला कांग्रेस कमेटी शिमला शहरी के प्रवक्ता दीपक सुंदरियाल ने कहा कि लोअर बाजार में आगजनी से प्रभावित परिवारों और व्यापारियों को दिए जाने वाले मुआवजे आवंटन में कथित तौर पर हुई धांधली के बारे में जिला कांग्रेस कमेटी के शिमला शहरी के प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त से भेंट कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
सुंदरियाल ने कहा कि भाजपा मंडल पदाधिकारी ने अधिकारियों को भ्रमित कर मुआवजे की राशि का गलत आवंटन कराया है। यह बात जब जनता के सामने आई तो उसे दबाने के लिए भाजपा मंडल बयानबाजी कर रहा है। सुंदरियाल ने कहा जिला कांग्रेस कमेटी मुआवजे के खिलाफ नहीं है लेकिन प्रभावित परिवारों के हितों का हनन बर्दाश्त नहीं होगा।
कहा कि जिस परिवार का सब कुछ राख हुआ है उसे मुआवजा नहीं दिया गया। लोअर बाजार क्षेत्र से दो पार्षद होने के बावजूद उन्हें किसी ने जानकारी देना तक उचित नहीं समझा। डीसी के समक्ष सभी साक्ष्य पेश किए हैं। इसमें प्रभावित परिवार का शिकायत पत्र भी है जिसका सब कुछ जलने के बाद भी उसे मुआवजा नहीं मिला।
मुआवजे की राशि को करीब 37 लोगों में बांट दी। प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष प्रदीप भुज्जा, पूर्व महापौर आदर्श सूद, पार्षद सुषमा कुठियाला, शशि शेखर चिन्नू , व्यापार मंडल के प्रधान एवं पार्षद इंद्रजीत सिंह, जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों में संजीव कुठियाला, धेरेंद्र गुप्ता
अशोक सूद, वेद प्रकाश, रवि राणा, अशोक सोहल, हरजीत मंगा, अनिल चौहान, विनोद भाटिया, अब्दुल रहीम, रंजन भारद्वाज देवेंद्र रत्न, गीतांजली भागडा, तनु चौहान, पूनम भारद्वाज और जयवंती देवी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ओछी राजनीति कर रही कांग्रेस- जिला शिमला भाजपा के अध्यक्ष संजय सूद ने कहा कि जहां पर आग लगी थी ठीक उसी के साथ उनके कार्यकर्ता का घर है। उन्होंने मानवता के आधार पर अपने घर में बैठने की व्यवस्था की। उन्होंने कोई सूची नहीं बनाई बल्कि प्रशासन के लोगों ने वेरिफाई करने के बाद फौरी राहत दी।
प्रशासन ने सभी तथ्यों को जांचने के बाद प्रभावितों को मुआवजा दिया। हादसे के समय कोई भाजपा-कांग्रेस नहीं था। सभी लोग प्रभावितों की मदद कर रहे थे। मुआवजे के नाम पर कांग्रेस बेवजह राजनीति कर रही है। अगर कांग्रेस को लगता है कि मुआवजा आवंटन में कोई गडबड़ी हुई है तो कांग्रेस शौक से उसकी जांच करवाए, भाजपा ने कभी इंकार नहीं किया।
कांग्रेस की सरकार भी है और प्रशासन भी ऐसे में जांच करवाकर सच्चाई सामने लाए। बिना तथ्य के ऐसे आरोप लगाकर कांग्रेस दुकानदारों की बेइज्जती कर रहे हैं। भाजपा ऐसे मौके पर अपने दुकानदार भाईयों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
जांच के दे दिए हैं निर्देश- डीसी दिनेश मल्होत्रा ने कहा कि इस मामले में जांच के निर्देश दे दिए हैं। एसडीएम शहरी को जांच का जिम्मा सौंपा है। सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर प्रभावितों को फौरी तौर पर मुआवजा दिया जाता है। इसके आवंटन को लेकर शिकायत आई हैं। इसकी रिपोर्ट दो दिन के भीतर आ जाएगी।