दंपती के साथ मारपीट मामले पर कुल्लू में प्रदर्शन।
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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की काईस पंचायत के पूर्व प्रधान दंपती के साथ हुई मारपीट के विरोध में वीरवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने एसपी कार्यालय को घेर लिया। काईस पंचायत के लोगों, जनप्रतिनिधियों सहित मनाली कांग्रेस के पदाधिकारियों ने एसपी कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। पुलिस और प्रशासन के खिलाफ लोगों ने नारेबाजी की। लोगों ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने पर कुल्लू पुलिस को दोषी ठहराया। एसपी ऑफिस के अंदर जाने के लिए पुलिस ने कुछ लोगों केे ही अंदर जाने इजाजत दी।
इससे लोग भड़क गए और जबरदस्ती अंदर जाने की कोशिश की। पुलिस और लोगों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। एसपी की ओर से मिले आश्वासन के बाद ही लोग माने। हालांकि कई लोगों ने पूर्व में कुल्लू के एसपी रहे गौरव सिंह को वापस लाने के लिए भी नारे लगाए। ढालपुर से प्रदर्शनी मैदान से लेकर एसपी ऑफिस तक एक रैली भी निकाली गई। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस सचिव भुवनेश्वर गौड़ ने कहा कि पुलिस के संरक्षण में इस तरह की घटना को अंजाम दिया गया। जिला मुुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर छरूडू नामक जगह पर दंपती को बुरी तरह से पीटा गया। उन्हें अधमरा कर छोड़ दिया गया। मनाली ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष हरिचंद शर्मा ने कहा कि आरोपियों को किसका संरक्षण है। दंपती की पहली अर्जी पर उचित कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इस तरह की गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अल्टीमेटम: 24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं तो चक्का जाम
24 घंटों के भीतर दोषियों पर गिरफ्तार नहीं किया गया तो लोगों ने चक्का जाम की चेतावनी दे दी है। प्रदर्शन के दौरान गाहर पंचायत के प्रधान रोहित वत्स धामी, हीरा लाल विभू, राजीव किमटा, वीर सिंह ठाकुर आदि मौजूद रहे। एसपी गुरदेव शर्मा ने कहा कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। मामले में जो भी आरोपी हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित की बहन ने एसपी के समक्ष रोया दुखड़ा
काईस पंचायत के पूर्व प्रधान की बुजुर्ग बहन सेवती देवी ने भी एसपी कुल्लू गुरदेव शर्मा के समक्ष दुखड़ा रोया। बुजुर्ग की आंखें भी छलकी पड़ी। बुजुर्ग ने कहा कि मेरे भाई ने मारपीट करने वालों का क्या बिगाड़ा है।