प्रदेश सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब लोगों को लर्निंग फिर पक्का लाइसेंस के लिए तीन बार अलग अलग फीस जमा नहीं करवानी पड़ेगी। एक ही बार में परिवहन विभाग के पास पूरी फीस जमा होगी।
पहले 100 रुपये लर्निंग फीस, 450 रुपये ट्रायल के दौरान और 10 रुपये की एक और पर्ची कटवानी पड़ती थी। अब लर्निंग लाइसेंस बनने के एक माह बाद ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा।
परिवहन विभाग ड्राइविंग लाइसेंस के 550 रुपये लेगा। सरकार ने ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू करने के बाद अब अलग-अलग फीस देने का झमेला भी खत्म कर दिया है।
आरटीओ प्रशांत देस्टा ने बताया कि व्यवस्था बदलने से लोगों को राहत मिली है। इससे लोगों का समय भी बच रहा है, कर्मचारियों पर भी काम का बोझ कम हुआ है।
इसलिए बदली गई व्यवस्था- परिवहन विभाग का मानना है कि लाइसेंस बनाने वाले आवेदकों को दस्तावेज में ही कई दिन लग जाते थे। लोगों को बार-बार फीस जमा कराने के लिए काउंटर पर खड़े होना पड़ता था, लेकिन अब लोगों को लंबी औपचारिकताओं से छुटकारा दिलाया गया है।