स्मार्ट सिटी का है सबसे बड़ा प्रोजेक्ट, संजौली और ढली के बीच बनेगी 147 मीटर लंबी टनल
रोज खुदाई और मजबूती के लिए रखा है टारगेट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के ढली और संजौली के बीच लगने वाले यातायात जाम को खत्म करने के लिए बन रही बल लेन टनल के निर्माण की रूपरेखा तैयार कर ली है। इस टनल में खुदाई के साथ मलबा हटाने और इसे मजबूती देने जैसे सभी काम एक साथ किए जाएंगे।
रोजाना एक से डेढ़ मीटर टनल तैयार करने का टारगेट रखा है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बन रही इस टनल की कुल लंबाई करीब 147 मीटर रहेगी। इस तरह पांच से छह महीने के भीतर पहाड़ी काटकर टनल की खुदाई पूरी की जाएगी। हालांकि, दीवारों को मजबूती देने, अलाइनमेंट करने का काम भी इसके साथ ही जारी रहेगा। इस प्रोजेक्ट का काम देख रहे एचपी आरआईडीसी का कहना है कि टनल निर्माण में आधुनिक मशीनरी का इस्तेमाल होगा। सबसे पहले इस पहाड़ी पर चारों ओर कंपन मापने वाले उपकरण स्थापित किए जाएंगे। यह एक कंप्यूटराइज्ड व्यवस्था होगी। इसमें खुदाई के दौरान पहाड़ी में कितनी कंपन हो रही है, इसकी जानकारी मिलती रहेगी।
तय सीमा से अधिक कंपन होने पर खुदाई रोकी जाएगी ताकि पहाड़ी धंसने या इस पर बने मकानों को खतरा पैदा न हो। पहाड़ी के भीतर बन रही इस टनल में स्क्रैप, ड्रिलिंग आदि मशीनरी से खुदाई की जाएगी। टनल को मजबूती देने के लिए रॉक वोल्टिंग होगी।
खाली नहीं हुआ एफसीआई का गोदाम
टनल के ढली पोर्टल पर स्थित एफसीआई का गोदाम फिलहाल खाली नहीं किया है। 10 सितंबर तक इसे खाली करने के निर्देश जारी किए थे ताकि निर्माण कार्य शुरू हो सके। हालांकि, एफसीआई ने गोदाम के लिए नई सप्लाई रोक दी है ताकि इसे खाली किया जा सके। नये गोदाम के लिए टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। उम्मीद है कि एक हफ्ते के भीतर इसे खाली कर दिया जाएगा।
काम शुरू करने की तैयारियां : चीफ इंजीनियर
एचपीआरआईडीसी के चीफ इंजीनियर पवन शर्मा का कहना है कि टनल का निर्माणकार्य जल्द शुरू किया जा रहा है। रोजाना एक से डेढ़ मीटर तक की खुदाई की जाएगी।
आंकड़ों की नजर में ऐसी होगी टनल
...कुल 147 मीटर लंबी होगी डबललेन टनल
...स्मार्ट सिटी से खर्च किए जाएंगे 39.60 करोड़
...नई टनल में होंगे दो फुटपाथ, तारों के लिए अंडरग्राउंड डक्ट
...अगले 18 महीनों में टनल तैयार करने का है टारगेट