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पुलिस चौकी जाने से छुटकारा, अब ऑनलाइन करें शिकायत

Thu, 16 Mar 2017 01:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल सरकार ने प्रदेश की चार पुलिस चौकियों को अपराध एवं आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क और प्रणाली (सीसीटीएनएस) से जोड़ दिया है। इन पुलिस चौकियों के तहत आने वाले लोगों को पुलिस से जुडे़ कार्यों के लिए चौकियों में नहीं जाना पड़ेगा। कंप्यूटर या मोबाइल फोन से एक क्लिक या घर बैठक कर लोग काम करवा सकेंगे।
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पुलिस चौकियों को सीसीटीएनएस से जोड़ने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बन गया है। शिमला की संजौली पुलिस चौकी से प्रणाली का लोकार्पण मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने किया। कुल्लू जिला की पुलिस चौकी मणिकर्ण, सोलन शहर की पुलिस चौकी और जिला कांगड़ा की डाडासीबा चौकी को भी इस आधुनिक प्रणाली से जोड़ा गया है।

संजौली पुलिस चौकी अपराध एवं आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क और प्रणाली (सीसीटीएनएस) से जुड़ने वाली देश की पहली पुलिस चौकी बन गई है। मुख्यमंत्री की साल 2015 के बजट में की गई घोषणा पूरी हो गई है। इस पुलिस पोस्ट के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन, ऑफलाइन शिकायतें दर्ज करने, नौकरी के लिए पुलिस सत्यापन, किराएदारों का पंजीकरण, चरित्र सत्यापन तथा अप्रवासी मजदूरों के पंजीकरण की सुविधा मिलेगी।
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सभी पुलिस चौकियां सीसीटीएनएस से जुड़ेंगी

मुख्यमंत्री ने पुलिस चौकी को जोड़ने वाली इस सीसीटीएनएस प्रणाली का लोकार्पण किया। कहा कि प्रदेश के दूरदराज क्षेत्र के लोगों विशेषकर बुजुर्गों, शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों और महिलाओं को इससे नजदीकी पुलिस चौकी में प्राथमिकी दर्ज करवाने में सहायता मिलेगी। भविष्य में प्रदेश की समस्त पुलिस चौकियों को सीसीटीएनएस प्रणाली से जोड़ा जाएगा।

पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एक बार जब पुलिस चौकी सीसीटीएनएस सॉफ्टवेयर से जुड़ जाती है तो पुलिस के पर्यवेक्षी अधिकारी द्वारा दैनिक रोजनामचा (डायरी) को ऑनलाइन देखा जा सकता है। स्टाफ  की निगरानी आसानी से की जा सकती है। मुख्यमंत्री की ओर से राज्य में वर्ष 2015 में इस प्रणाली को शुरू करने के साथ पुलिस चौकियों को इस प्रणाली से जोड़ने वाला

हिमाचल देश का पहला राज्य बन गया था। पुलिस महानिदेशक संजय कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना में यह एक मिशन मोड परियोजना है। इसकी परिकल्पना का मुख्य उद्देश्य लोगों तक तत्काल एवं पारदर्शी पहुंच बनाने के साथ पुलिस विभाग की कार्य क्षमता बढ़ाने तथा कानून व व्यवस्था में सुधार लाना है।
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