राजधानी शिमला के प्रवेश द्वार पर स्थित संकट मोचन मंदिर एक साल बाद नए रूप में नजर आएगा। जिला प्रशासन ने संकट मोचन मंदिर के विस्तार के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मास्टर प्लान को मंजूरी दे दी है।
संकट मोचन मंदिर में पहाड़ी शैली के दो भव्य गेट, मेडिटेशन के लिए ध्यान कुटीर, सत्संग और भजन करने के लिए कीर्तन भवन, ट्रस्ट की बैठकें आयोजित करने के लिए मीटिंग हाल और तीन मंजिला पार्किंग कांप्लेक्स बनाया जाएगा।
एसडीएम शिमला (ग्रामीण) जीएस नेगी ने बताया कि मंदिर के मुख्य गेट के सामने पार्किंग निर्माण किया जाना है लेकिन निर्माण स्थल पर पेड़ होने के कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा। पेड़ काटने की मंजूरी मिलते ही पार्किंग निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा।