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पिता ने पुस्तक में संजोई कारगिल युद्ध के हीरो की शहादत

Mon, 08 Aug 2016 12:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पालमपुर (कांगड़ा)
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पुस्तक का विमोचन सेना प्रमुख जनरल दलवीर सिंह सुहाग की पत्नी नमिता सुहाग ने किया। - फोटो : अमर उजाला
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कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी सैनिकों को नेस्तनाबूद करने वाले परमवीर चक्र विजेता शहीद कैप्टन विक्रम बत्तरा की बहादुरी पर पिता जीएल बत्तरा ने एक किताब लिखी है। कारगिल हीरो शहीद कैप्टन विक्रम बत्तरा की बहादुरी पर अभी तक किसी सरकार ने उन्हें पाठ्यक्रम में शामिल नहीं किया है। अब उनके पिता ने स्वयं उनके जीवन पर परमवीर विक्रम बत्तरा शेरशाह ऑफ कारगिल नाम की किताब लिखी है।
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करीब 150 पन्नों की पुस्तक का दिल्ली में सेना प्रमुख जनरल दलवीर सिंह सुहाग की पत्नी नमिता सुहाग ने विमोचन किया। पुस्तक में जीएल बत्तरा ने शहीद विक्रम बत्तरा के बचपन से लेकर स्कूल, कॉलेज और सेना कमीशन से कारगिल युद्ध तक सारी बातें लिखी हैं। उन्होंने शहीद विक्रम बत्तरा की हर उस बात का जिक्र किया है, जो उनकी दिल की गहराइयों से जुड़ी है।
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टाइगर हिल पर कहा था 'यह दिल मांगें मोर'

पुस्तक का विमोचन करते हुए नमिता सुहाग। - फोटो : अमर उजाला
टाइगर हिल 4875 की चोटी पर पाकिस्तान के सैनिकों की टुकड़ी का खात्मा कर यह दिल मांगें मोर (मुझे अभी और पाकिस्तान सैनिकों को मारना है) का नारा देने वाले शहीद विक्रम बत्तरा के सीने को चीरते हुई गोली निकल गई थी। उनकी बहादुरी पर उन्हें परमवीर चक्र से नवाजा गया था।

हालांकि, शहीद के पिता जीएल बत्तरा और माता कमलकांता बत्तरा को मलाल है कि किसी भी केंद्र या प्रदेश सरकार ने उनके बेटे की बहादुरी को पाठ्यक्रम में शामिल नहीं किया। यह बुक फ्लिपकार्ट और अमेजॉन वेबसाइट पर ऑनलाइन भी उपलब्ध करवाई गई है। दिल्ली के ओम बुक डिपो इसके सप्लायर हैं।
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