इसमें हिंदू, बौद्ध और सिख समुदाय के लोगों ने प्रार्थना और शांति पाठ किया। इमुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस मौके पर कहा कि सरकार अटल की यादों को संजोएगी। अगर किसी भी व्यक्ति के पास पुराने चित्र और संस्मरण हैं तो उन्हें संग्रहीत किया जाएगा।
मैंने सीएम बनने पर उनसे आशीर्वाद लिया था और अब उनके पदचिह्नों पर आगे बढ़ेंगे। अटल कई मंचों पर हिमाचल को अपना दूसरा घर बता चुके हैं। अटल हमारे हैं, यह भाव जिंदा रहना चाहिए। सीएम ने सभागार में अटल की कविता गाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
सीएम ने सभागार में अटल से जुड़ी कई स्मृतियां साझा की। उन्होंने बताया कि एक बार मुझे वाजपेयी से मिलने से रोका गया था। बाद में गांव के एक लड़के की सिफारिश पर वह उनसे मिले थे।
उन्होंने संस्थान के परिसर में वाजपेयी की स्मृति में देवदार का पौधा रोपकर उसे राखी भी बांधी। वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व पीएम को कुल्लू-मनाली से विशेष प्यार था। सांसद रामस्वरूप शर्मा ने वाजपेयी को एक कवि के साथ विश्व का नेता बताया।
श्रद्धांजलि सभा में मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि दिल्ली में अटल की बेटी नमिता भट्टाचार्य से मुलाकात हुई तो उन्होंने कहा कि बाप जी यानी अटल की मनाली की यादों को कभी नहीं भुला सकते हैं। मनाली को कभी नहीं छोड़ सकते हैं। मनाली उनके लिए भी दूसरा घर है।
उन्होंने कहा है कि मनाली की चीजों को संजोकर रखेंगे। उन्होंने वर्ष 2002 में अलेऊ के कवि सम्मेलन का जिक्र किया। बताया कि बाप जी ने खूब कविताएं पढ़ीं। उन्हें यहां के लॉग हट में रहना पसंद था। हालांकि उन्होंने विद्या सागर के किराये के कमरे में भी कुछ समय गुजारा। ब्यूरो
तय कार्यक्रम के मुताबिक दूसरे दिन 27 अगस्त को चंबा की रावी नदी में सुबह साढे़ 11 बजे हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री शांताकुमार अटल के अस्थि कलश का विसर्जन करेंगे।
28 अगस्त को पांवटा साहिब की यमुना नदी में दोपहर 12 बजे देश के स्वास्थ्य मंत्री जगतप्रकाश नड्डा अस्थि कलश विसर्जित करेंगे। 28 अगस्त को ही तत्तापानी की सतलुज नदी में सुबह 10 बजे प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल अटल का अस्थिकलश विसर्जित करेंगे।