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अटल की अस्थियां ब्यास में विसर्जित, तीन धर्मों के लोगों ने एक साथ किया शांति पाठ

Sun, 26 Aug 2018 08:05 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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दिल्ली से लाईं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां मनाली के अलेऊ स्थित ब्यास में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विसर्जित कीं। रविवार दोपहर 2:30 बजे सैकड़ों लोगों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
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कंचनकूट में नदी किनारे हिंदू और बौद्ध धर्म के रीति रिवाज के अनुसार हवन किया गया। पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके दूसरे घर मनाली में अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान के सभागार में एक सर्व धर्म प्रार्थना सभा आयोजित की गई।

सीएम जयराम ठाकुर ने अटल से जुड़ी पुरानी यादों को ताजा किया

इसमें हिंदू, बौद्ध और सिख समुदाय के लोगों ने प्रार्थना और शांति पाठ किया। इमुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस मौके पर कहा कि सरकार अटल की यादों को संजोएगी। अगर किसी भी व्यक्ति के पास पुराने चित्र और संस्मरण हैं तो उन्हें संग्रहीत किया जाएगा।

मैंने सीएम बनने पर उनसे आशीर्वाद लिया था और अब उनके पदचिह्नों पर आगे बढ़ेंगे। अटल कई मंचों पर हिमाचल को अपना दूसरा घर बता चुके हैं। अटल हमारे हैं, यह भाव जिंदा रहना चाहिए। सीएम ने सभागार में अटल की कविता गाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। 

मुझे रोका तो गांव के लड़के ने अटल से मिलाया

सीएम ने सभागार में अटल से जुड़ी कई स्मृतियां साझा की। उन्होंने बताया कि एक बार मुझे वाजपेयी से मिलने से रोका गया था। बाद में गांव के एक लड़के की सिफारिश पर वह उनसे मिले थे।

उन्होंने संस्थान के परिसर में वाजपेयी की स्मृति में देवदार का पौधा रोपकर उसे राखी भी बांधी। वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व पीएम को कुल्लू-मनाली से विशेष प्यार था। सांसद रामस्वरूप शर्मा ने वाजपेयी को एक कवि के साथ विश्व का नेता बताया। 




 

अटल की बेटी ने कहा है-कभी नहीं छोड़ सकते मनाली       

श्रद्धांजलि सभा में मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि दिल्ली में अटल की बेटी नमिता भट्टाचार्य से मुलाकात हुई तो उन्होंने कहा कि बाप जी यानी अटल की मनाली की यादों को कभी नहीं भुला सकते हैं। मनाली को कभी नहीं छोड़ सकते हैं। मनाली उनके लिए भी दूसरा घर है।

उन्होंने कहा है कि मनाली की चीजों को संजोकर रखेंगे। उन्होंने वर्ष 2002 में अलेऊ के कवि सम्मेलन का जिक्र किया। बताया कि बाप जी ने खूब कविताएं पढ़ीं। उन्हें यहां के लॉग हट में रहना पसंद था। हालांकि उन्होंने विद्या सागर के किराये के कमरे में भी कुछ समय गुजारा। ब्यूरो
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इन नदियों में भी होगा अस्थि कलश का विसर्जन

तय कार्यक्रम के मुताबिक दूसरे दिन 27 अगस्त को चंबा की रावी नदी में सुबह साढे़ 11 बजे हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री शांताकुमार अटल के अस्थि कलश का विसर्जन करेंगे।

28 अगस्त को पांवटा साहिब की यमुना नदी में दोपहर 12 बजे देश के स्वास्थ्य मंत्री जगतप्रकाश नड्डा अस्थि कलश विसर्जित करेंगे। 28 अगस्त को ही तत्तापानी की सतलुज नदी में सुबह 10 बजे प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल अटल का अस्थिकलश विसर्जित करेंगे।
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