हिमाचल में मानसून के इस बार देरी से पहुंचने की संभावना है। आमतौर पर में राज्य में 26 जून तक मानसून आता रहा है, लेकिन इस बार का पूर्वानुमान है कि 7 जुलाई के बाद ही मानसून पहुंचेगा।
लगभग 10 से 12 दिन देरी से मानसून आने की संभावना बन रही है। ऐसा हुआ तो खरीफ की फसलों को नुकसान होने की संभावना है। हिमाचल में अब भी 76 फीसदी खेती बारिश पर निर्भर है।
मौसम विभाग के अनुसार हालांकि चार जुलाई तक प्रदेश भर में मौसम खराब रहेगा। इस दौरान कुछ इलाकों में बारिश तो कहीं बूंदाबांदी और कुछ निचले क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा। शनिवार को भी राजधानी शिमला सहित सोलन और कांगड़ा में कुछ देर तक जमकर बारिश हुई।
बारिश और बादल छाए रहने से तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज हुई है। शिमला का अधिकतम तापमान 25.9, सुंदरनगर 35.1, भुंतर 35.3, कल्पा 25.6, धर्मशाला 30.2, ऊना 39.0, नाहन 34.0, सोलन 30.8, कांगड़ा 35.9 और मनाली का अधिकतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग के शिमला केंद्र के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि अमूमन प्रदेश में 26 जून से मानसून आता है, लेकिन इस बार 10 से 12 दिन देरी आने की संभावना है।