प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं तक पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल में मिलने वाले मिड डे मील की अब हर महीने जांच होगी। केंद्र सरकार ने मिड डे मील नियम 2015 को अधिसूचित कर दिया है। राज्यों को मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से जांच करवानी होगी। भोजन की गुणवत्ता और पोषकता मानक सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया है।
केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित नियमों के अनुसार स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले गर्म पके हुए मिड डे मील (मध्याह्न भोजन) को सरकार के खाद्य शोध प्रयोगशालाओं या मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं द्वारा मूल्यांकन व प्रमाणित किया जाएगा। नए नियम के तहत अगर मिड डे मील का फंड खत्म हो गया हो, तो स्कूल किसी और मद के फंड का इस्तेमाल मिड डे मील के लिए कर सकता है।