शहीद की पत्नी स्नेहलता को कीर्ति चक्र प्रदान करते राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी।
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पठानकोट आतंकी हमले में शहीद सिहुंता के बासा गांव के जगदीश चंद को मरणोपरांत मिले कीर्ति चक्र ने समूचे चंबा समेत प्रदेश को गौरवान्वित कर दिया है। बुधवार को पूरा चंबा जिला शहीद भगत सिंह के साथ-साथ कीर्ति चक्कर विजेता जगदीश चंद का गुणगान कर रहा था। पठानकोट आतंकी हमले में बलिदान देने से पूर्व जगदीश चंद ने बहादुरी से एक आतंकवादी को मौत के घाट उतारा था।
सिहुंता से शहीद की पत्नी स्नेहलता, बेटी किरण बाला और बड़े भाई बुद्धि सिंह दिल्ली गए थे। यहां शहीद जगदीश की पत्नी स्नेहलता को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कीर्ति चक्र प्रदान किया। शहीद जगदीश चंद के बेटे जतिन ने बताया कि उनके पिता अपनी बहादुरी से उन्हें वो मुकाम दे गए हैं, जो कभी खत्म नहीं होगा।
बहुत से लोग पैदा होते हैं, उम्र पूरी करके चले जाते हैं लेकिन उनके पिता ऐसा काम करके गए हैं कि सदियों तक उन्हें लोग भूल नहीं पाएंगे। दो जनवरी को तड़के 3 बजकर 30 मिनट पर आतंकवादियों ने पठानकोट एयरबेस पर घुसपैठ की थी।
इस दौरान डीएससी में सेवाएं दे रहे शहीद जगदीश चंद बिना हथियार के एक आतंकवादी से भिड़ गए और उसकी रायफल छीनकर उसे गोली मार दी। इस मुठभेड़ के दौरान आतंकवादी के दूसरे साथियों ने जगदीश चंद पर गोली चला दी और वे शहीद हो गए।