सोमवार को बाबा भूतनाथ झारखंड के कोल्हान प्रमंडल के मुर्गा महादेव के रूप में नजर आए। यह मंदिर तीन जिले पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला खरसावां के अलावा पड़ोसी राज्य ओडिशा में भी आस्था का केंद्र है।
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महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि प्रत्येक वर्ष महाशिवरात्रि पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इस मंदिर के प्रति लोगों की आस्था देखते बनती है।
यह बेहद प्राचीन मंदिर है, कहा जाता है कि ओडिशा के जोड़ा प्रखंड के निवासी एक दंपत्ती ने पुत्र रत्न प्राप्त करने के बाद इस मंदिर का निर्माण करवाया था। समय बदलने के साथ यह झोपड़ी से अब शानदार मंदिर का रूप धारण कर चुका है। अंग्रेजों ने अपने शानकाल में शिव लिंग चुराने का प्रयास किया था लेकिन वे कामयाब नहीं हो पाए थे। इस मंदिर को लेकर और भी कई दंत कथाएं प्रचलित है।