हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा के जनजातीय क्षेत्र पांगी की मिंधल पंचायत के अझल नाले में हिमस्खलन से छह लोग बाल-बाल बच गए। जब पहाड़ से नाले में बर्फ का सैलाब आया तो उससे ठीक नीचे लोग मिंधल गांव के रास्ते से आवाजाही कर रहे थे। इस रास्ते से पहाड़ में होने वाली गतिविधि का पता नहीं लगता। लेकिन, मिंधल माता मंदिर के पास मौजूद लोगों की नजर हिमस्खलन पर पड़ गई। इसके चलते उन्होंने नीचे रास्ते से गांव की तरफ आवाजाही करने वाले लोगों को सीटियां और आवाजें लगाकर सचेत कर दिया।
वहां से हटने के लिए कहा। तब जाकर लोग वहां से सुरक्षित बच सके। हिमस्खलन से किसी प्रकार का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। इस नाले में पहले भी दो बार हिमस्खलन हो चुका है। ऐसे में प्रशासन की तरफ से भी लोगों को नाले के रास्ते आवाजाही करते समय मौसम और पहाड़ पर होने वाली हलचल पर नजर रखने को कहा गया है। उपमंडल अधिकारी पांगी रजनीश शर्मा ने बताया कि अझल नाले में हिमस्खलन से किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है।
वहीं, पांगी के घिसल गांव में शनिवार को आए बर्फीले तूफान ने ऐतिहासिक नाग मंदिर की छत को उखाड़ फेंका। गांव से दूर स्थित ऐतिहासिक नाग देवता मंदिर की छत इस तूफान की चपेट में आ गई। उधर, पुंटो और साच पास के समीप शनिवार को हिमखंड गिरने के साथ तूफान आने से ग्रामीण खौफजदा हो गए।