भीषण अग्निकांड की चपेट में आए हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के मलाणा गांव के 57 परिवारों की पहली रात रिश्तेदारों के घर में कटी। आग से प्रभावित 150 लोग सर्दी को लेकर चिंतित हैं। आठ हजार फीट की ऊंचाई पर बसे मलाणा गांव में मौसम खराब होते ही फाहे गिरना शुरू हो जाते हैं। बताया जा रहा है कि जिस दिन गांव में आग की घटना हुई थी, उस दौरान भी रात को हल्के फाहे गिर रहे थे। बिना छत के कड़ाके की ठंड के बीच ग्रामीणों के लिए गुजर बसर करना आसान नहीं है। हालांकि, जिला प्रशासन ने आग से प्रभावित ग्रामीणों की मदद की है, लेकिन संकट की घड़ी में यह नाकाफी है। प्रभावित अब सरकार से घर बनाने के लिए गुहार लगा रहे हैं। अग्निकांड से प्रभावित मोती राम, नामो देवी, कृष्ण कुमार, देवा राम, बुध राम, मनी राम, तुलसी राम तथा बालक राम, सुई राम, पूर्ण चंद, जगदीश, हीरा राम, दौलत राम समेत 57 परिवारों के 150 सदस्य खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। कड़कड़ाती ठंड में प्रभावित परिवारों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।
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इन लोगों ने अब रिश्तेदारों और सगे संबंधियों के घर शरण ली है। सर्दी का मौसम शुरू होने से प्रभावित मलाणावासियों के लिए अब हर एक दिन काटना मुश्किल हो गया है। महिलाएं और बुजुर्ग पुश्तैनी घर के स्वाह होने से सदमे में हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि यह सब कैसे हो गया है। स्थानीय पंचायत उपप्रधान रामजी ने कहा कि सर्दी का मौसम होने से सरकार और जिला प्रशासन को जल्द प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि आग से पीड़ित लोगों को राहत राशि दे दी है। उन्हें कैसे बसाना है, इस बारे भी प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।