भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल को चुनाव प्रबंधन का मास्टर माइंड माना जाता है, वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह के पास छह बार मुख्यमंत्री रहे दिवंगत वीरभद्र सिंह का राजनीतिक अनुभव है, ऐसे में दोनों की प्रतिष्ठा दांव पर है। वर्ष 2009-10 में पंडित खीमी राम के भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रहते हुए चार में से तीन सीटें भाजपा ने जीती थीं। उस समय कांग्रेस को मात्र एक मंडी सीट मिली थी। मंडी से वीरभद्र सिंह विजयी हुई थे। कौल सिंह ठाकुर उस समय कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष थे। 2014 में भाजपा ने सतपाल सिंह सत्ती के पार्टी प्रदेशाध्यक्ष रहते लोकसभा चुनाव की चारों सीटों पर भाजपा काबिज हुई। कांग्रेस पार्टी में उस समय सुखविंद्र सिंह सुक्खू पार्टी प्रदेशाध्यक्ष थे। वर्ष 2019 में लोकसभा का चुनाव हुआ। सत्ती फिर से भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष की कमान सौंपी गई। उस समय भी चारों सीटों पर भाजपा काबिज हुई।
मोदी की लहर का रहा असर
सुक्खू ही उस समय कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष थे। भाजपा सांसद रामस्वरूप के निधन के बाद वर्ष 2021 में मंडी सीट पर उपचुनाव हुआ। प्रतिभा सिंह उपचुनाव में जीती थीं। हिमाचल में इस समय भाजपा शिमला, कांगड़ा और हमीरपुर संसदीय सीट पर काबिज है। मंडी सीट पर कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह सांसद हैं। कांग्रेस पार्टी का मानना है कि वर्ष 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लहर थी। हिमाचल के अलावा अन्य राज्यों में भाजपा को बहुमत मिला था। इसका असर हिमाचल प्रदेश में भी रहा है।
भाजपा के बहकावे में नहीं आएंगे लोग : प्रतिभा
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह का कहना है कि हिमाचल की चारों सीटों पर कांग्रेस पार्टी काबिज होगी। हिमाचल की जनता अब भाजपा के बहकावे में नहीं आएगी। 15 महीने के भीतर कांग्रेस सरकार ने ओल्ड पेंशन स्कीम, महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये, युवाओं को रोजगार, कर्मचारियों को डीए के अलावा एरियर देना शुरू कर दिया है। भाजपा बड़े-बड़े दावे कर रही है लेकिन हिमाचल में जब आपदा आई तो केंद्र की मोदी सरकार ने हिमाचल से आंखें फेर ली।
कांग्रेस ने जनता के साथ किया धोखा : बिंदल
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राजीव डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हिमाचल की जनता के साथ धोखा किया है। महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने के नाम पर ठगा है। हिमाचल में हिमकेयर और आयुष्मान स्वास्थ्य योजनाएं बंद कर दी हैं। रोजगार के नाम पर युवाओं से धोखा किया गया है। कर्मचारी नाखुश है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत हिमाचल को करोड़ों रुपये मिले हैं। आपदा के समय में भी केंद्र ने हिमाचल को करोड़ों रुपये दिए।