इस परीक्षा को अपनाने के लिए अटल मेडिकल और अनुसंधान विवि नेरचौक ने हाल ही में एमबीबीएस की पढ़ाई में बहुत से बदलाव किए हैं। विवि ने इस ओर जाने की पूरी तैयारी कर ली है। यह टेस्ट 2025 से शुरू हो जाएगा। एक बार टेस्ट की प्रक्रिया शुरू होगी तो इस टेस्ट को पास किए बिना कोई भी डॉक्टर नहीं बन पाएगा। अटल मेडिकल और अनुसंधान विवि नेरचौक के परीक्षा नियंत्रक डॉ. प्रवीण शर्मा का कहना है कि परीक्षा का उद्देश्य मेडिकल स्नातक की शिक्षा और प्रशिक्षण के न्यूनतम सामान्य मानकों के संदर्भ में देश भर में योगात्मक मूल्यांकन में एकरूपता लाना है। इस पर हम भी काम कर रहे हैं और 2025 में इस परीक्षा को करवाने के लिए विश्वविद्यालय की ओर से एमबीबीएस की पढ़ाई में पहली बार 1997 के बाद व्यापक परिवर्तन किए हैं।
दाखिलों से लेकर परीक्षाओं तक किए हैं परिवर्तन
नेक्सट की परीक्षा को अपनाने की प्रक्रिया को शुरू करने के लिए अटल मेडिकल एवं अनुसंधान विवि नेरचौक ने दाखिलों से लेकर परीक्षाओं तक बहुत से परिवर्तन किए हैं। इसमें, उपस्थिति, अवधि, प्रैक्टिकल, थ्योरी, पेपर, अंकों सहित बहुत से बदलाव विवि ने किए हैं। यह सभी बदलाव भविष्य में नेक्सट की परीक्षा को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं।