तीन महीने पहले भी यहां लगे कैमरे में नजर आया था तेंदुआ, वन विभाग मिलान में जुटा
मिलान के बाद होगा आदमखोर घोषित करने का फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के डाउनडेल इलाके के साथ लगते जंगल में तेंदुए की तलाश
में जुटी वन विभाग की टीम को पहली बार जंगल में तेंदुए के घूमने के पुख्ता साक्ष्य मिल गए हैं।
तेंदुए की मूवमेंट पता लगाने के लिए लगाए ट्रैप कैमरों में इसकी वीडियो मिली है। यह वीडियो कनलोग के पास लगाए एक कैमरे की है। वन विभाग के सूत्रों के अनुसार इसमें मंगलवार रात को एक तेंदुआ घूमने का साक्ष्य मिला है। विभाग ने इसकी तस्वीरें निकाल ली है। विभाग के अनुसार कनलोग में ही तीन महीने पहले जो तेंदुआ देखा गया था, उसकी तस्वीरें भी उस समय कैमरों में कैद हुई थी। अब विभाग इन दोनों तस्वीरों का मिलान करने में जुट गया है। इनके मिलान के बाद ही तेंदुए को आदमखोर घोषित कर मारने का फैसला लिया जाएगा।
डीएफओ शिमला शहरी और डीएफ ओ वन्यजीव विभाग की ओर से इस बारे में पीसीसीएफ को रिपोर्ट भेज दी है। जंगल में कई जगह तेंदुए के मलमूत्र के मिलने के बाद इसके सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। इससे स्पष्ट हो सकेगा कि डाउनडेल और कनलोग में घूम रहा तेंदुआ एक ही है या नहीं।
आदमखोर घोषित करने
के लिए चाहिए सुबूत
वन विभाग का कहना है कि अब तेंदुए को आदमखोर घोषित किया जा सकता है। जंगल
में तेंदुए के पुख्ता सुबूत मिले हैं। इनकी जांच के बाद काफी हद तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि दोनों बच्चों को इसी तेंदुए ने उठाया है या फिर जंगल में कई और तेंदुए घूम रहे हैं। पीसीसीएफ अजय श्रीवास्तव ने बताया कि कैमरों में तेंदुए के दिखने का पता चला है। अब फोटो का मिलान किया जा रहा है। जल्द ही इस मामले में आगामी कार्रवाई करेंगे।
पीड़ित परिवार को दिया एक लाख रुपये मुआवजा
वन विभाग ने पीड़ित परिवार को फौरी राहत के तौर पर एक लाख रुपये का मुआवजा
जारी कर दिया है। डीएफओ शिमला की ओर से सोमवार को ही इस बारे में रिपोर्ट भेज दी थी। इसके आधार पर अब पीड़ित परिवार को पैसा जारी किया है। यह पैसा बच्चे की मां के खाते में जमा हुआ है। बाकी पैसा भी जल्द जारी होगा।
पटाखों से नहीं डरा तो क्या
गाना सुनकर भागेगा तेंदुआ
वन विभाग ने बताए तेंदुए से बचने के उपाय
बोर्ड लिखा, बाहर पेशाब करने जाएं तो गाना गाते हुए निकलेें
शिमला। वन विभाग ने डाउनडेल इलाके में लोगों को जागरूक करने के लिए कई बोर्ड भी लगाए हैं। इसमें बच्चों को शाम के समय घर से बाहर न रखने, अकेले बाहर न
जाने की अपील की है।
शौच के लिए अकेले बाहर जाने पर गाना गाने, टॉर्च साथ में रखने की सलाह दी है। वहीं लोगों का कहना है कि जो तेंदुआ पटाखों की आवाज के बीच भी बच्चे को उठा ले गया क्या वह गाने की आवाज सुनकर डरेगा। लोगों का कहना है कि तेंदुआ चालाक हो चुका है लेकिन वन विभाग अभी भी पुराने तरीकों से ही बचाव करने को कह रहा है।
लोअर फागली में घूम रहा तेंदुआ
मौके पर पहुंची विभाग की टीमें
शिमला। शहर के लोअर फागली इलाके में मंगलवार रात को भी तेंदुए के घूमने और गुर्राने से लोग दहशत में आ गए हैं। लगातार दूसरे दिन लोअर फागली के डाबरी लाइन एरिया में तेंदुआ घूमता देखा गया है। यहां किसी महिला ने रात के समय तेंदुए को पास के नाले में देखा। लोगों ने इस बारे में वन विभाग को सूचना दी। बुधवार को विभाग की टीमें मौके पर पहुंची और लोगों से बातचीत की।
स्थानीय लोग इस क्षेत्र में भी पिंजरा लगाने की मांग कर रहे हैं। रात के समय तेंदुआ गुर्राता है। हालांकि वन विभाग ने अभी इस एरिया में पिंजरा नहीं लगाया है। विभाग का कहना है कि डाउनडेल के आसपास ही पिंजरे लगाए हैं। वन्यजीव विभाग के डीएफओ रविशंकर ने बताया कि लोअर फागली से तेंदुआ दिखने की शिकायतें मिली हैं। टीमें मौके पर भेजी गई थीं लेकिन यहां तेंदुआ होने की कोई पुख्ता पुष्टि नहीं हो रही है।