मुख्य सचिव ने लाहौल-स्पीति जिला के प्रशासन के अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा है कि अभी तो हालात सामान्य होने लगे हैं। लेकिन अभी भी खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता है।
जिला लाहौल-स्पीति के उदयपुर उपमंडल के नालडा के सामने पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा टूटकर चंद्रभागा नदी में गिर गया है। इससे कुछ समय के लिए नदी का बहाव रुक गया
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। वहीं, तकनीकी शिक्षा मंत्री रामलाल मारकंडा, मुख्य सचिव रामसुभग सिंह और डीजीपी संजय कुंडू ने हवाई दौरा कर क्षेत्र का जायजा लिया।
प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों का हालचाल भी जाना। मारकंडा ने ग्रामीणों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। उपायुक्त नीरज कुमार, एसपी मानव वर्मा सहित कई विभागों के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
इस दौरान मुख्य सचिव ने लाहौल-स्पीति जिला के प्रशासन के अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा है कि अभी तो हालात सामान्य होने लगे हैं। लेकिन अभी भी खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने भूस्खलन के बाद नदी के खतरे को लेकर प्रशासन को सभी तरह की स्थिति पर नजर रखने को कहा है।
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यहां से मंत्री ही व अधिकारियों का काफिला जसरथ और तडंग गांव के प्रभावित लोगों से मिलने जसरथ पुल के पास पहुंचा। जहां राम सुभग सिंह ने लोगों को आश्वासन दिया है कि सरकार प्रभावित परिवारों के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
मुख्य सचिव और डीजीपी के वापस लौटने के बाद मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा ने तडंग गांव का दौरा कर के प्रभावित परिवारों के घर गए और स्थिति का जायजा लिया। मारकंडा ने प्रभावित जसरथ, तडंग, जुंडा और नालडा के लोगों को आश्वासन दिया कि सरकार उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करेगी। मंत्री हर घर तक चार किलोमीटर पैदल पहुंचे।