हिमाचल प्रदेश के सबसे पुराने भुंतर हवाई अड्डे में अब खराब मौसम में भी विमान उतर सकेंगे। जिला कुल्लू के साथ मंडी के थाची में डोपलर वेरी हाई ओमनी रेंज (डीवीओआर) सिस्टम इंस्टाल किया जाएगा। इसे स्थापित करने के लिए पांच मई को टीम थाची पहुंचेगी। शुक्रवार को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के कम्युनिकेशन नेविगेशन एंड सर्विलांस (सीएनएस) के महाप्रबंधक उत्तरी क्षेत्र एसआर महतो ने डीवीओआर सिस्टम लगाने के लिए साइट का निरीक्षण किया और जरूरी सुविधाओं का जायजा लिया। डीवीओआर सिस्टम इंस्टाल करने के बाद भुंतर हवाई अड्डे पर विमान किसी भी मौसम और समय में उतर सकेंगे। इससे विमान को सही दिशा मिलेगी।
डीवीओआर और डीएमई सिस्टम भुंतर हवाई अड्डे से लगभग 60 किमी दूर थाची स्थित पहाड़ी पर स्थापित किया जा रहा है। इसकी सहायता से विमान का पायलट हवा में जहाज की दिशा तथा दूरी का सटीक अनुमान लगा सकता है। इससे लगभग 200 मील ऊंचाई पर उड़ने वाले सभी विमानों को सहायता मिलेगी। दिल्ली से भुंतर के बीच उड़ान के बीच कई बार विमान खराब मौसम के कारण लैंड नहीं कर पाता है। जहाज को वापस चंडीगढ़ लौटना पड़ता है। अब ऐसी समस्या नहीं रहेगी। उधर, भुंतर हवाई अड्डे के निदेशक नीरज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण हवाई सेवा को बेहतर विस्तार देने के लिए प्रयासरत है। पांच मई को थाची मंडी में डीवीओआर और डीएमई सिस्टम स्थापित करने के लिए टीम आएगी। भवन का निर्माण कार्य पूरा हो गया है।