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शिमला में जानलेवा हुआ पीलिया, महिला की मौत

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इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में मंगलवार देर रात पीलिया से पीड़ित एक महिला की मौत हो गई। महिला की पहचान सुनीता (32) निवासी नॉलज वुड निगम विहार के तौर पर हुई है। अस्पताल में पीलिया से मौत का यह पहला मामला है। महिला ने शुक्रवार को एक नवजात शिशु को जन्म दिया था।
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हालांकि बच्चा स्वस्थ है लेकिन बच्चे के जन्म के दूसरे दिन ही महिला कोमा में चली गई। इसके चलते महिला को तीमारदार आईजीएमसी में ले आए। यहां महिला को डॉक्टरों की निगरानी में आईसीयू में रखा गया था। लेकिन देर रात महिला की मौत हो गई। शहर में अब पीलिया जानलेवा होने लगा है।

हालांकि इससे पहले स्थानीय विधायक ने विकासनगर में दो महिलाओं के पीलिया की वजह से मौत होने की बात कही थी लेकिन उनकी मौत की वजह अस्पताल के रिकार्ड में नहीं है। अधिकारिक तौर पर पीलिया से पीड़ित महिला की मौत का यह पहला मामला है।
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अब तक सामने आए 669 पीलिया के मामले

दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में पीलिया रोग के अभी तक पांच सौ पंद्रह से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। हर रोज सैकड़ों की तादाद में लोग अस्पताल आ रहे हैं। इसमें बहुत से लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आ रही है।

दूसरी ओर आईजीएमसी में केवल मेडिसन वार्ड में पीलिया के मरीजों की संख्या एक जनवरी से लेकर तेरह जनवरी तक 118 पहुंच चुकी है। आईजीएमसी के दूसरे विभागों की ओपीडी से भी पीलिया से पीड़ित मरीजों का आंकड़ा जुटा जाया रहा है।

हेपेटाइटिस ई से हुई मौत : डॉ. रिजवी
आईजीएमसी अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी (प्रशासन) डॉ. साद रिजवी ने बताया कि महिला हेपेटाइटिस ई से पीड़ित थी। अस्पताल के आईसीयू वार्ड में दाखिल थीं। डॉक्टरों की निगरानी में महिला का उपचार चल रहा था। महिला की हालत गंभीर थी। मंगलवार रात उसकी मौत हो गई।- डॉ. साद रिजवी (चिकित्सा अधिकारी प्रशासन) आईजीएमसी

शहर में पीलिया बेकाबू, 32 और मामले पहुंचे अस्पताल

दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में बुधवार को पीलिया के 32 नये मामले आए। टेस्ट में 26 की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। अस्पताल में पीलिया के इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रंजना राव ने बताया कि अस्पताल पहुंचे मरीजों का उपचार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि ग्यारह दिसंबर 2015 से लेकर तेरह जनवरी 2016 तक पीलिया के रोगियों की संख्या 551 हो गई है। बताया कि क्लीनिकल केसों की मिक्सिंग होने से पीलिया रोगियों के आंकड़ों में इजाफा हो गया था। वहीं कार्यकारी सीएमओ होने के नाते उन्होंने बताया कि हाइकोर्ट डिस्पेंसरी में बुधवार को दस मामले, आईजीएमसी अस्पताल में नौ मामले, आयुर्वेदिक अस्पताल में दस, पीएचसी कुसुम्पटी में छह मामले सामने आए।

यह हैं पीलिया के लक्षण
- तेज बुखार होना
- भूख न लगना
- जी मिचलाना और उल्टियां होना
- थकावट होना
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अभी तक आए 551 मामले: डा. रंजना राव

डीडीयू अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सा डाक्टर रंजना राव ने बताया कि ग्यारह दिसंबर 2015 से लेकर तेरह जनवरी 2016 तक पीलिया के कुल 551 मामले अस्पताल में सामने आए हैं। छह जनवरी से तेरह जनवरी तक पीलिया के 257 पॉजिटिव मामले मामले आ चुके हैं।

बचाव के उपाय
- उबला पानी पीए
- लक्षण का पता चलते ही डाक्टरी इलाज करवाए
- आराम करे
- साबुन से हाथों को धोएं

रोगी को इनका सेवन करना चाहिए- चावल, दलिया, खिचड़ी, शकरकंद, पपीता, चीकू, छाछ, मूली

एमसी ने शहरवासियों से की अपील
- उबला पानी पीएं
- प्राकृतिक स्त्रोतों का पानी न पीएं।
- दूषित खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
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