अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के मौके पर होने वाली अष्टांग बलि को रोक पाना प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। मेले में पिछले कुछ समय से घट रही घटनाओं और देव संसद जगती के फैसले पर अमल हुआ तो देव समाज से जुड़े लोग हर हाल में अष्टांग बलि देंगे।
ऐसे में मेला कमेटी और जिला प्रशासन के लिए अष्टांग बलि को रोक पाना संभव नहीं दिख रहा है। हालांकि कारदास संघ और देव समाज से जुडे़ लोग कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। वहीं प्रशासन का दावा है कि हाई कोर्ट के फैसले को हर हाल में मनवाया जाएगा।
हाईकोर्ट ने दशहरा उत्सव से ठीक पहले पशु बलि का रोक लगा दी थी। इसके बाद देव समाज में इसके प्रति विरोध उत्पन हो गया था।