डायग्नोस्टिक ब्लॉक का निर्माण करवाएगा मेडिकल कॉलेज, मंत्री ने मांगा प्रपोजल
ब्लड बैंक के पास खाली जगह में होगा निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में मरीजों को अब टेस्ट करवाने के लिए यहां-वहां नहीं भटकना पड़ेगा। अस्पताल प्रबंधन ब्लड बैंक के पास डायग्नोस्टिक ब्लॉक बनाने की तैयारी कर रहा है।
ब्लॉक के तैयार होने के बाद यहां पर हर प्रकार के टेस्ट एक छत के नीचे होंगे। इससे प्रदेशभर से इलाज करवाने के लिए आने वाले मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। आईजीएमसी प्रबंधन ने हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल के समक्ष यह प्रोजेक्ट रखा था। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने प्रबंधन को प्रपोजल तैयार करके उनके पास भेजने की बात कही है। आईजीएमसी के कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में इलाज के लिए आए मरीजों के आपात स्थिति में ब्लड समेत अन्य सभी प्रकार के टेस्ट डॉक्टरों द्वारा करवाए जाते हैं। लेकिन अलग-अलग जगहों पर लैबों के होने से मरीजों को यहां वहां भटकना पड़ता है। कुछ सैंपल देने के लिए तो मरीजों को मेडिकल कॉलेज के चक्कर काटने पड़ते हैं। ऐसे में मरीजों और उनके तीमारदारों का काफी समय बर्बाद हो जाता है। खासकर बुजुर्ग मरीजों को काफी परेशानी होती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए प्रबंधन ने ब्लड बैंक के पास एआरटी सेंटर के पास डायग्नोस्टिक ब्लॉक बनाने का प्रपोजल स्वास्थ्य मंत्री को अवगत करवाया है ताकि एक छत के नीचे सभी टेस्ट होने से मरीजों को परेशानी पेश न आए।
डंपिंग साइट तक प्रबंधन की जमीन
एआरटी सेंटर से लेकर लक्कड़ बाजार सड़क तक कचरे रखने की साइट है। वहां तक अस्पताल की जमीन है। ऐसे में जगह की कमी भी नहीं खलेगी। इस ब्लॉक के बनने के बाद मरीजों को एक ही जगह तमाम टेस्ट करवाने की सुविधा मिलेगी।