उत्तम सिंह से पूछताछ के दौरान जवाब संतोषजनक पाया गया था। इसके चलते आरोप वापस ले लिया गया। अन्य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। जो वापस लिए गए।
मंत्री ने कहा कि हमीरपुर से ऊना से बसों का जो सामान भेजा जाता था, उनमें टायर, ट्यूब से लेकर इंजन ऑयल, बैटरियां, वाशिंग का सामान शामिल हैं। 21 मई, 2015 को मामले में प्राथमिकी हुई थी। उस दौरान आठ अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है।
इनमें छह पर पेनल्टी लगी और दो पर मामला विचाराधीन है। पूरे मामले का ऑडिट किया गया। कुल 24 में सात को आरोपित किया गया। इनमें कोई अधिकारी सेंसटिव पोस्ट पर बैठे हैं। उन्हें इन संवेदनशील सीट से नहीं हटाया जाएगा।
विधायक सुखराम ने मामले में अनुपूरक सवाल के जवाब में कहा कि एचआरटीसी मेें बसों और अन्य वाहनों के स्पेयर पार्ट्स की खरीदारी दोगुनी कीमत पर हो रही है। निजी बसों की अपेक्षा स्पेयर पार्ट को दोगुनी कीमत पर खरीदा जा रहा है।
इससे राजस्व को नुकसान हो रहा है। ऐसा लगाता है कि जानबूझ कर कमीशन के लिए यह काम किया जा रहा है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि अगर ऐसा है तो मामले की जांच होगी।