मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
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सुक्खू सरकार का दूसरा बजट बनाने के लिए विभागीय बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में शनिवार को कृषि, बागवानी, सहकारिता, प्रशिक्षण जैसे विभागों की बैठक ली गई। इन विभागों के प्रशासनिक अधिकारियों और विभागाध्यक्षों से पूछा गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के वार्षिक बजट में वे किन-किन योजनाओं को शामिल करना चाह रहे हैं। इसी क्रम में आगामी दिनों में ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग समेत अन्य विभागों की भी बैठकें होंगी।
योजना और वित्त विभागों के शीर्ष अधिकारियों की आगामी बजट को लेकर पिछले दिनों में भी मंत्रणा हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि सुक्खू सरकार का यह दूसरा बजट आपदा से प्रभावित नजर आएगा। मानसून सीजन के दौरान हिमाचल प्रदेश को करीब 12,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। राज्य सरकार को आपदा राहत पर अतिरिक्त धन व्यय करना होगा। इसकी झलक आगामी बजट अनुमानों में दिखेगी।
इसके अलावा सुक्खू सरकार का यह दूसरा बजट आगामी लोकसभा चुनाव को लक्षित कर भी तैयार किया जाएगा, क्योंकि कांग्रेस का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश में चारों लोकसभा सीटों को जीतना होगा। ऐसे में इस बजट में लोकलुभावन घोषणाएं भी हो सकती हैं। फिलहाल वित्त और योजना विभाग इन दोनों विभागों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। योजना सलाहकार वासु सूद का कहना है कि विभागों के साथ बैठकों का दौर चल रहा है।
किस-किस योजना में बजट में कितनी-कितनी कटौती संभव विभागों से पूछा जा रहा है कि उनकी कौन सी योजनाएं ऐसी हैं, जिन्हें अगले वित्तीय वर्ष के बजट में भी चालू रखना जरूरी है। यह भी पूछा जा रहा है कि किस-किस योजना में बजट में कितनी-कितनी कटौती हो सकती है, जिससे उस उसे बजट को आपदा राहत के रूप में इस्तेमाल किया जा सके।