चंबा में पत्रकारों को संबोधित करते हुए खरवाड़ा ने प्रदेश में आउटसोर्स पर रखे गए कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाना, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और करुणामूलक आधार पर नियुक्ति प्रदान करने की मांग सरकार से की।
राज्य विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने बिजली संशोधन अधिनियम के प्रावधानों को कर्मचारी और उपभोक्ता विरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक मात्र कॉरपारेट घरानों को फायदा पहुंचाने के मकसद से लाया जा रहा है। जिनका बिजली तैयार करने में कोई भी योगदान नहीं है। उन्होंने कर्मचारियों और उपभोक्ताओं से आह्वान किया है कि इस काले कानून के विरोध में आंदोलन के लिए तैयार रहें।
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चंबा में पत्रकारों को संबोधित करते हुए खरवाड़ा ने प्रदेश में आउटसोर्स पर रखे गए कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाना, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और करुणामूलक आधार पर नियुक्ति प्रदान करने की मांग सरकार से की। उन्होंने कहा कि 23 सितंबर को यूनियन के स्वर्ण जयंती समारोह में विद्युत मंत्री की ओर से विभिन्न श्रेणियों के 1641 पद नई भर्ती के जरिये भरने की घोषणा की थी। अभी तक इस पर सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है।
बिजली बोर्ड में लगातार सेवानिवृत्तियां हो रही हैं। इससे कर्मचारियों की कमी हो रही है। विद्युत बोर्ड में वर्ष 2014-15 के बाद से लेकर पदोन्नति नियम न बन पाने से आउटसोर्स पर रखे जूनियर टीमेट, हेल्पर्स, जेओए (आईटी, अकाउंट), कंप्यूटर ऑपरेटरों की पदोन्नति रुक गई है। बिजली बोर्ड लिमिटेड में नवनिर्मित लगभग बीस 33 केवी सब स्टेशनों की आउटसोर्सिंग करने का फरमान जारी किया है। उन्होंने सरकार को चेताया है कि अगर 33केवी सब स्टेशनों में आउटसोर्सिंग प्रक्रिया को बंद नहीं किया गया तो यूनियन प्रदेशव्यापी आंदोलन से गुरेज नहीं करेगी।
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बिजली बोर्ड के तकनीकी कर्मियों ने प्रबंधन को बताई समस्याएं
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल मंडल ने शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष दूनी चंद ठाकुर की अध्यक्षता में विद्युत बोर्ड प्रबंधन से मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने जूनियर टीमेट और जूनियर हेल्पर की पदोन्नति समयावधि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप 5 वर्ष से 3 वर्ष करने, इलेक्ट्रीशियन, स्टोरकीपर और हेल्पर सब स्टेशन की ग्रेड पे विसंगति को दूर करना, एसएसए, सहायक लाइन मैन से लाइन मैन पदोन्नति की समयावधि को 4 वर्ष से दो वर्ष करने की मांग को उठाया।
ठाकुर ने बताया कि तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक 15 नवंबर को बिलासपुर में होगी। सभी लंबित मांगों को लेकर बैठक में चर्चा की जाएगी। 29 नवंबर को भारतीय मजदूर संघ के प्रस्तावित धरने से पूर्व अगर बोर्ड प्रबंधन परिणाम नहीं देता है तो तकनीकी कर्मचारी संघ के जो कार्यकर्ता इस धरने में आएंगे वह विद्युत मुख्यालय का रुख भी कर सकते हैं। तकनीकी कर्मचारी संघ का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री से भी मिलेगा।